RBI के फैसले के बाद कई बैंकों ने महंगा किया लोन, बढ़ेगी EMI! चेक करें नई ब्याज दरें

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले के बाद अब इसका असर बैंक ग्राहकों पर दिखाई देने लगा है। कई सरकारी और निजी बैंकों ने अपनी रेपो लिंक्ड लोन दरों में 0.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में इन बैंकों से फ्लोटिंग रेट पर कर्ज लेने वाले ग्राहकों की ब्याज लागत बढ़ सकती है।

RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों ने अपनी बेंचमार्क लोन दरों में संशोधन किया है।

PNB की RLLR अब 8.35%

पंजाब नेशनल बैंक ने रेपो से जुड़ी लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.10% से बढ़ाकर 8.35% कर दिया है। बैंक की नई दर 8 अक्टूबर से लागू होगी। हालांकि PNB ने MCLR और बेस रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

इन बैंकों ने भी बढ़ाई दरें

इंडियन बैंक ने अपनी रेपो लिंक्ड बेंचमार्क लोन रेट को 7.95% से बढ़ाकर 8.20% कर दिया है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रेपो आधारित दर 7.90% से बढ़कर 8.15% हो गई है। वहीं बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी संबंधित रेपो आधारित दर को बढ़ाकर 8.35% कर दिया है। इन संशोधित दरों को भी 8 अक्टूबर से लागू किया जाना है।

निजी बैंक ने भी बढ़ाई ब्याज दर

निजी क्षेत्र के तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने भी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। बैंक की दर अब 8.25% से बढ़कर 8.50% हो गई है।

ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को धन उपलब्ध कराता है। इसमें बढ़ोतरी होने पर रेपो से जुड़े कर्ज की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसका असर खासतौर पर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज पर पड़ सकता है।

हालांकि EMI कितनी बढ़ेगी, यह ग्राहक के लोन की रकम, बची हुई अवधि, ब्याज दर और बैंक के नियमों पर निर्भर करेगा। आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी अपनी लोन दरों में बदलाव कर सकते हैं।

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