पहली खुशखबरी: रबी उत्पादन बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य
पिछले साल प्रदेश में रबी सीजन के दौरान करीब 480 लाख टन फसल उत्पादन हुआ था। इस बार सरकार ने इसे बढ़ाकर 510 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है। यानी उत्पादन में करीब 30 लाख टन की अतिरिक्त बढ़ोतरी का लक्ष्य है। सरकार का मानना है कि उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और किसानों को समय पर जरूरी इनपुट उपलब्ध कराने से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। कृषि मंत्री के मुताबिक प्रदेश की कृषि विकास दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
दूसरी खुशखबरी: चना और मटर के बीज पर 75% तक अनुदान
दलहन और तिलहन के क्षेत्र में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस बार खास तौर पर चना और मटर के बीज पर 75 प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 लाख मिनीकिट निश्शुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इससे किसानों को बेहतर किस्म के बीज उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है।
तीसरी खुशखबरी: कृषि यंत्रों पर 350 करोड़ रुपये की मदद
किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रों पर भी सरकार की ओर से बड़ा बजट रखा गया है। कृषि यंत्रों के लिए करीब 350 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं बीजों के लिए लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुदान राशि निर्धारित की गई है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों की खेती की लागत और मेहनत को कम करने के साथ आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसानों को कृषि यंत्रों के स्वीकृति पत्र और अन्य कृषि सामग्री का सांकेतिक वितरण भी किया गया।
रबी सीजन के लिए खाद का पर्याप्त स्टॉक
कृषि विभाग ने रबी सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी की है। विभाग के अनुसार प्रदेश में 15.50 लाख टन यूरिया और 6.25 लाख टन डीएपी का स्टॉक किया गया है। पर्याप्त स्टॉक रखने का मकसद बुवाई के समय किसानों को खाद की उपलब्धता में परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना है। सरकार ने अनुदानित खाद और बीज की अंतरराज्यीय तस्करी पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।

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