दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 29 जुलाई 2011 से पहले बीएड, प्रारंभिक शिक्षा में स्नातक या समकक्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों पर ग्रेजुएशन के न्यूनतम अंकों की शर्त लागू नहीं होगी। यानी केवल स्नातक में कम प्रतिशत होने के आधार पर इन उम्मीदवारों का आवेदन खारिज नहीं किया जाएगा।
पुराने बीएड अभ्यर्थियों को कैसे मिलेगा फायदा?
इस फैसले से उन उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जिन्होंने वर्षों पहले शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था, लेकिन उनके स्नातक के अंक निर्धारित सीमा तक नहीं पहुंच पाए थे। मसलन, किसी उम्मीदवार ने 2010 में बीएड में दाखिला लिया और उसके ग्रेजुएशन में जरूरी प्रतिशत से कम अंक हैं, तो उसे इस एक वजह से भर्ती से बाहर नहीं किया जाएगा।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। यह कोई सामान्य छूट नहीं है। 29 जुलाई 2011 से पहले प्रवेश लेने का प्रमाण होना जरूरी है। साथ ही टीजीटी भर्ती की बाकी शर्तें भी पूरी करनी होंगी। इसके बाद प्रवेश लेने वाले उम्मीदवार इस विशेष राहत के दायरे में नहीं आएंगे।
17,735 शिक्षकों की भर्ती, जानें पदों का ब्योरा
आयोग ने विज्ञापन संख्या 07/2026 के माध्यम से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भर्ती निकाली है। इसमें कुल 17,735 रिक्तियां शामिल हैं। इनमें 16,193 पद बालक विद्यालयों के लिए और 1,542 पद बालिका विद्यालयों के लिए निर्धारित किए गए हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत सहित अलग-अलग विषयों में नियुक्तियां की जाएंगी।
आवेदन और परीक्षा की तारीखें भी जान लें
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की शुरुआत 24 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है। आवेदन शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख 23 नवंबर है। वहीं, फॉर्म में गलती सुधारने के लिए 26 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। प्रकाशित कार्यक्रम के मुताबिक टीजीटी की लिखित परीक्षा 23 और 24 दिसंबर 2026 को आयोजित होनी है।

0 comments:
Post a Comment