वित्त विभाग की ओर से 5 नवंबर 2026 को जारी शासनादेश के मुताबिक, नियमित पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके दायरे में पे मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के कर्मचारी आएंगे। अनुदान प्राप्त शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत बोनस दिया जाएगा। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की लगातार सेवा पूरी करना जरूरी है।
बोनस की रकम का क्या होगा?
सरकार ने बोनस भुगतान के लिए अलग व्यवस्था बनाई है। कुल राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को नकद मिलेगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत रकम GPF खाते में जमा की जाएगी। जिन कर्मचारियों का GPF खाता नहीं है, उनके हिस्से की रकम NSC या PPF में जमा होगी।
रिटायर होने वाले कर्मचारियों को दूसरी राहत
इस फैसले में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का भी ध्यान रखा गया है। 31 मार्च 2026 के बाद रिटायर हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी रकम नकद दी जाएगी। यानी उन्हें 75 प्रतिशत राशि भविष्य निधि या दूसरी बचत योजना में जमा कराने की बाध्यता नहीं होगी।
हालांकि, विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मामले में दोषी पाए गए कर्मचारियों को इस बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, जिनके खिलाफ मामले लंबित हैं, उनका भुगतान निर्णय आने तक रोका जा सकता है।
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