इस आदेश का लाभ केवल नियमित कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा। मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले अन्य संस्थानों को भी इस निर्देश का पालन करना होगा।
वेतन भुगतान में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि वेतन जारी करने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी संस्थान में निर्धारित समय तक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलता है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
सभी संस्थानों से मांगी गई रिपोर्ट
विभाग ने अपने अधीन आने वाले कार्यालयों और संस्थानों से वेतन भुगतान का पूरा ब्योरा मांगा है। इसमें नियमित और संविदा कर्मचारियों की कुल संख्या के साथ यह जानकारी भी देनी होगी कि किस महीने तक का वेतन जारी किया जा चुका है। इसके लिए सभी संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल तक लागू होगा आदेश
सरकार का यह निर्देश राज्य के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के दूसरे संस्थानों पर लागू होगा। इससे हजारों स्वास्थ्यकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है। त्योहारों से पहले वेतन मिलने पर कर्मचारी अपने परिवार के साथ दीपावली और छठ की तैयारियां बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

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