यूपी सरकार का बड़ा फैसला! आंगनवाड़ी कर्मियों को मिलीं 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली लाखों महिलाओं के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस बार उनके लिए राहत सिर्फ मानदेय बढ़ने तक सीमित नहीं है। आर्थिक मदद के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा, कपड़ों और कामकाज में तकनीकी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है। इन फैसलों से प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को सीधा फायदा मिलने वाला है।

सबसे बड़ी राहत उनके मासिक भुगतान में की गई बढ़ोतरी है। अब कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पहले की तुलना में ज्यादा मानदेय मिलेगा। इसके अलावा परिवार के इलाज के लिए कैशलेस सुविधा और स्मार्टफोन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

पहली खुशखबरी: कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का बढ़ा मानदेय

सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों का मासिक मानदेय 8,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया है। वहीं सहायिकाओं को अब 4,000 रुपये की जगह 6,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस बदलाव से कार्यकर्ताओं को हर महीने 4,000 रुपये और सहायिकाओं को 2,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के लिए यह आर्थिक राहत काफी महत्वपूर्ण है।

दूसरी खुशखबरी: परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज

आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा भी बड़ा प्रावधान किया गया है। करीब 3.35 लाख कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवार के सदस्यों को सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा देने की व्यवस्था है। इसका लाभ सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और योजना में शामिल निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है। इससे परिवार में किसी सदस्य की बीमारी या इलाज की जरूरत पड़ने पर आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

तीसरी खुशखबरी: अब मिलेंगी तीन साड़ियां

आंगनवाड़ी कर्मियों को मिलने वाली ड्रेस संबंधी सुविधा में भी बदलाव किया गया है। पहले उन्हें दो साड़ियां दी जाती थीं, लेकिन अब तीन साड़ियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पहले के मुकाबले 500 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था पर सरकार लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे कर्मचारियों को जरूरी ड्रेस उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

चौथी खुशखबरी: स्मार्टफोन से आसान होगा काम

आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से पहले चरण में 1,23,398 स्मार्टफोन दिए गए थे। इसके बाद पुराने या बदले जाने वाले फोन की व्यवस्था के तहत 69,803 अतिरिक्त स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से बच्चों के पोषण, सरकारी योजनाओं और केंद्रों से संबंधित जरूरी जानकारियां डिजिटल माध्यम से दर्ज करना आसान होगा। इससे रिकॉर्ड तैयार करने और सूचनाएं समय पर भेजने में भी मदद मिलेगी।

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