रोहतास और गया के खनिज ब्लॉकों पर नजर
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में हुई विभागीय बैठक में दोनों जिलों के खनिज क्षेत्रों की समीक्षा की गई। रोहतास के पिपराडीह-भुरवा और चुटिया-नौहट्टा स्थित ग्लूकोनाइट ब्लॉक के अलावा भोरा-कथरा लाइमस्टोन ब्लॉक पर चर्चा हुई। वहीं गया के गेंजाना क्षेत्र में निकेल-क्रोमियम और पीजीई खनिज ब्लॉक की प्रगति का जायजा लिया गया।
नीलामी के बाद अब उत्पादन की तैयारी
सरकार का जोर केवल खनिज ब्लॉकों की नीलामी तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कराई जाएं, ताकि खदानों से वास्तविक उत्पादन शुरू हो सके। खनिजों को बाजार तक पहुंचाने यानी उनके प्रेषण की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पत्थर खदानों की भी होगी ई-नीलामी
बैठक में पत्थर के खनिज भूखंडों की ई-नीलामी को लेकर भी चर्चा हुई। इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के साथ बेहतर तालमेल बनाकर वैज्ञानिक तरीके से खनिजों की खोज करने पर जोर दिया गया।
बिहार को क्या होगा फायदा?
रोहतास और गया में खनन गतिविधियां शुरू होने से निवेश को बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और सरकारी खजाने में राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि बिहार की खनिज संपदा का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से करके राज्य के आर्थिक विकास को नई गति दी जाए।
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