कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग के 5 अहम अपडेट

8th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। आयोग के गठन को एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक नई सैलरी, न्यूनतम बेसिक वेतन और पेंशन बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी जानना चाहते हैं कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन में कितना इजाफा होगा।

हालांकि, आयोग ने पिछले एक साल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव मांगे गए हैं और अलग-अलग संगठनों के साथ बैठकें भी की गई हैं। आइए जानते हैं 8वें वेतन आयोग के अब तक के 5 बड़े अपडेट।

1. आयोग को मई 2027 तक सौंपनी है रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट टाइम सदस्य और पंकज जैन को सदस्य सचिव बनाया गया है। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से उसे 3 मई 2027 तक रिपोर्ट सौंपनी है।

2. कर्मचारियों से मांगे गए 18 सवालों के जवाब

आयोग ने 5 फरवरी 2026 को 18 सवालों वाली प्रश्नावली जारी की थी। इसके जरिए सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों से वेतन, भत्ते, पेंशन और कार्य व्यवस्था को लेकर राय मांगी गई। सुझाव जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 रखी गई थी।

3. मांगों का मेमोरेंडम जमा करने की समय सीमा बढ़ी

कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स को अपनी मांगें रखने का अवसर देने के लिए 5 मार्च 2026 से मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसकी समय सीमा पहले 30 अप्रैल थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 31 मई और फिर 15 जून 2026 कर दिया गया। इसके माध्यम से संगठनों ने वेतन और पेंशन में बदलाव से जुड़े अपने प्रस्ताव आयोग के सामने रखे।

4. ₹69,000 न्यूनतम वेतन और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग

8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। NC-JCM ने अपने प्रस्ताव में न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने और 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। इसके साथ न्यूनतम पेंशन को अंतिम बेसिक वेतन का 67 प्रतिशत करने और सालाना 6 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग भी शामिल है। हालांकि, ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं। सरकार या आयोग ने अभी इन आंकड़ों को मंजूरी नहीं दी है।

5. कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ हुईं बैठकें

आयोग ने 24 अप्रैल 2026 को देहरादून से अलग-अलग हितधारकों के साथ बैठकें शुरू की थीं। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भी बैठकें आयोजित की गईं। इन चर्चाओं का उद्देश्य कर्मचारियों की जरूरतों को समझकर सिफारिशें तैयार करना है।

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