30 दिन के बोनस पर मिली मंजूरी
योगी सरकार के आदेश के मुताबिक, पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के बराबर बोनस दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। बोनस की अधिकतम रकम 6,908 रुपये होगी। इसका लाभ राज्य सरकार के पूर्णकालिक गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी मिलेगा।
बोनस की 75% रकम GPF में होगी जमा
सरकार ने बोनस भुगतान के लिए खास व्यवस्था बनाई है। इसके तहत कुल बोनस का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत रकम नकद दी जाएगी। जिन कर्मचारियों का GPF खाता नहीं है, उनके हिस्से की बचत राशि NSC या PPF के माध्यम से दी जाएगी। वहीं, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों और 30 अप्रैल 2027 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद मिलेगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?
इस योजना का लाभ उन्हीं पूर्णकालिक गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की लगातार सेवा पूरी कर ली है। इसके अलावा वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे। एसीपी के तहत इससे अधिक वेतन स्तर पाने वाले कर्मचारी भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर बोनस प्राप्त कर सकेंगे।
हालांकि, जिन कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मामले में दंड मिला है, उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। जिनके खिलाफ जांच या मुकदमा लंबित है, उनका बोनस फैसला आने तक रोक दिया जाएगा। दोषमुक्त होने पर बकाया बोनस दिया जाएगा।

0 comments:
Post a Comment