यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, महिलाओं के लिए आई खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। सरकार अब महिला आर्थिक सशक्तीकरण सूचकांक-2 तैयार करेगी। इसके जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में महिलाओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, कारोबार और कौशल विकास के कितने अवसर मिल रहे हैं।

इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी नियोजन विभाग को दी गई है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि इन योजनाओं का लाभ महिलाओं तक कितना पहुंच रहा है।

49 संकेतकों के आधार पर होगा सर्वे

महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति समझने के लिए 15 विभागों से आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके आधार पर 49 संकेतक तय किए गए हैं। सर्वे में महिलाओं की भागीदारी और सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ का जिलेवार मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें शिक्षा एवं कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार, आजीविका और सुरक्षा सहित पांच प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

इन पांच क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस

महिला आर्थिक सशक्तीकरण सूचकांक में अलग-अलग क्षेत्रों को निर्धारित महत्व दिया गया है।

शिक्षा एवं कौशल विकास को 22.4 प्रतिशत वेटेज।

उद्यमिता को 22.1 प्रतिशत वेटेज।

रोजगार को 21.9 प्रतिशत वेटेज।

आजीविका को 17.4 प्रतिशत वेटेज।

आवागमन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को 16.1 प्रतिशत वेटेज।

इसके तहत ओडीओपी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि, स्वयं सहायता समूह और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी देखी जाएगी।

जिलों के प्रदर्शन पर भी रहेगी नजर

नई व्यवस्था के तहत सभी जिलों की प्रगति की तुलना की जाएगी। जिन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी कम होगी, वहां सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके लिए डैशबोर्ड और विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।

दरअसल, योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और कारोबार में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में नई रणनीति तैयार हो सकेगी। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

0 comments:

Post a Comment