बिहार में बनेगा 250KM लंबा एक्सप्रेस-वे, कई जिलों को बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार की बुनियादी संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाते हुए राज्य को उसका पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है। यह छह लेन का 250 किलोमीटर लंबा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, जिसे अब नेशनल एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) के नाम से जाना जाएगा, कई जिलों को जोड़ेगा और सीमांचल तथा कोसी क्षेत्र के विकास की राह खोल देगा।

कहाँ से कहाँ तक होगा यह एक्सप्रेसवे?

यह एक्सप्रेसवे वैशाली जिले के मीरनगर (पटना के पास) से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा जिलों से गुजरता हुआ पूर्णिया के चांद भट्टी (NH-27) पर समाप्त होगा। इसका निर्माण पूरी तरह नई ग्रीनफील्ड तकनीक पर आधारित होगा, यानी यह पूरी तरह नया रूट होगा, जिससे पुरानी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और तेज यात्रा संभव हो सकेगी।

यात्रा का समय घटेगा, विकास बढ़ेगा

वर्तमान में पटना से पूर्णिया की दूरी तय करने में 6 से 7 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर महज 3 घंटे रह जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और कृषि उपज को बड़े बाज़ारों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा।

इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

यह एक्सप्रेसवे खासकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। इन इलाकों में लंबे समय से बुनियादी ढांचे की कमी और कनेक्टिविटी की समस्या रही है। एक्सप्रेसवे के जरिए यहां के लोगों को राजधानी पटना से तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी।

प्रमुख निर्माण कार्य

इस परियोजना में कई बड़े और छोटे पुल, रेलवे ओवर ब्रिज, इंटरचेंज, अंडरपास और अन्य संरचनाओं का निर्माण शामिल है, जिससे ट्रैफिक का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित किया जा सकेगा।

लागत और स्थिति

इस मेगाप्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹18,042 करोड़ रखी गई है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

0 comments:

Post a Comment