इन योजनाओं से मिले छात्रों को लाभ
इस डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री बालिका (इंटरमीडिएट उत्तीर्ण) प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री साइकिल योजना, बालक-बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना और कन्या उत्थान योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की राशि ट्रांसफर की गई। यह न केवल शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह राज्य सरकार के उस दृष्टिकोण को भी दर्शाता है जो "शिक्षा से विकास" के सिद्धांत पर आधारित है।
बुनियादी ढांचे को भी मिली नई ऊर्जा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की 958.79 करोड़ रुपये की लागत वाली 331 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें से 426.10 करोड़ रुपये की 259 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 532.69 करोड़ रुपये की लागत से 72 नई परियोजनाओं का निर्माण कार्य आरंभ किया गया। इन योजनाओं में स्कूल भवनों, विज्ञान प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, छात्रावास, शौचालय और पेयजल सुविधाओं का विकास शामिल है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरने की उम्मीद है।
शिक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
नीतीश सरकार ने यह भी बताया कि 2005 में जहां बिहार का कुल शिक्षा बजट 4366 करोड़ रुपये था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 77690 करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि पिछले दो दशकों में बिहार सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी है।
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