बिहार में 'किसानों' को बंपर अनुदान, फटाफट करें आवेदन!

पटना। बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी सब्जी-मसाला और स्ट्राबेरी खेती अनुदान योजना शुरू की है। यह केंद्र प्रायोजित योजना टमाटर, मिर्च, लहसुन और स्ट्राबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे न केवल उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हो, बल्कि किसानों को उचित बाजार मूल्य भी प्राप्त हो। 

यह योजना विशेष रूप से लघु और सीमांत किसानों के साथ-साथ पट्टे या बटाई पर खेती करने वाले किसानों के लिए लाभकारी है। इस योजना का लाभ लेने के लिए राज्य के किसान ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।

सब्जी-मसाला खेती अनुदान योजना

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य टमाटर, मिर्च और लहसुन की खेती के क्षेत्र का विस्तार करना, उत्पादन और उत्पादकता में सुधार लाना, और किसानों की आय में वृद्धि करना है। यह योजना समूह में खेती को प्रोत्साहित करती है, जिसमें प्रत्येक समूह में कम से कम तीन किसान होंगे और छह हेक्टेयर भूमि के लिए योजना स्वीकृत की जाएगी।

अनुदान का विवरण

टमाटर और मिर्च की खेती: प्रति हेक्टेयर लागत: 60,000 रुपये, अनुदान: 50% (30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर), अधिकतम लाभ: प्रति किसान परिवार को दो हेक्टेयर तक।

लहसुन की खेती: प्रति हेक्टेयर लागत: 1,00,000 रुपये, अनुदान: 50% (50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर), अधिकतम लाभ: प्रति किसान परिवार को दो हेक्टेयर तक। अनुदान वितरण: अनुदान दो किस्तों में 60:40 के अनुपात में प्रदान किया जाएगा।

बीज की व्यवस्था: रबी मौसम में टमाटर और मिर्च की खेती के लिए गुणवत्तायुक्त हाइब्रिड बीज बिहार राज्य बीज निगम, पटना के माध्यम से जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

स्ट्राबेरी खेती अनुदान योजना

प्रति हेक्टेयर लागत: 7,56,000 रुपये, अनुदान: 40% (3,02,400 रुपये प्रति हेक्टेयर, जिसमें पौधे शामिल हैं), पौधे की लागत: प्रति पौधा 12.50 रुपये, पौधों की दूरी: 0.4 मीटर x 0.4 मीटर, उपज: प्रति हेक्टेयर 20-25 टन, लाभ का दायरा: न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर

पैकेजिंग के लिए अनुदान: कूट का डिब्बा: 14.50 रुपये प्रति पीस पर 40% अनुदान (5.80 रुपये प्रति पीस), प्लास्टिक का छोटा डिब्बा (200 ग्राम स्ट्राबेरी): 2.90 रुपये प्रति पीस पर 40% अनुदान (1.16 रुपये प्रति पीस) पैकेजिंग आवश्यकता: 12,500 कूट के डिब्बे और 1,00,000 प्लास्टिक के डिब्बे प्रति हेक्टेयर, एक कूट के डिब्बे में 8 प्लास्टिक डिब्बे रखे जाते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद, जिला उद्यान पदाधिकारी के माध्यम से आवश्यक जानकारी और बीज प्राप्त किए जा सकते हैं। स्ट्राबेरी खेती के लिए चयन लॉटरी प्रणाली के आधार पर होगा।

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