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यूपी में बनेगा नया लिंक एक्सप्रेस-वे: इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित बुलंदशहर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना अब रफ्तार पकड़ने जा रही है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मद में 1204 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है, जिससे काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

74 किलोमीटर लंबा होगा यह लिंक एक्सप्रेस-वे मार्ग

यह प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे लगभग 74 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर के आठ गांवों और बुलंदशहर जिले के 48 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि सहमति के आधार पर अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मार्च तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा सके।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मिलेगा बड़ा लाभ

जेवर में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह मार्ग बेहद अहम माना जा रहा है। यह सड़क बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी और यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र से होकर गुजरेगी। आगे चलकर यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात और आसान होगा।

छह लेन से आठ लेन तक विस्तार की संभावना

इस लिंक एक्सप्रेस-वे को शुरुआत में छह लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है। वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी। मार्ग के लगभग 20 किलोमीटर हिस्से का निर्माण यीडा क्षेत्र में होगा, जिसमें करीब नौ किलोमीटर लंबा एलीवेटेड सेक्शन भी शामिल रहेगा। स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए 24 मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

स्याना क्षेत्र में इस एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू हो चुका है। यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क और खिलौना सिटी जैसी परियोजनाओं को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी

इस मार्ग के तैयार होने के बाद मेरठ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के बीच यातायात दबाव भी कम होगा।

सूर्य की कृपा से धन-लाभ के योग, ये 5 राशियां रहेंगी सबसे लकी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। यह ऊर्जा, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और सफलता का कारक ग्रह है। जब सूर्य की स्थिति मजबूत होती है या वह शुभ प्रभाव देता है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। कल सूर्य की विशेष स्थिति के कारण पांच राशियों के लिए धन-लाभ और तरक्की के मजबूत संकेत बन रहे हैं। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय सबसे ज्यादा शुभ रहने वाला है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों से सराहना मिल सकती है, जिससे पदोन्नति या वेतन वृद्धि का मार्ग खुल सकता है। व्यवसायियों के लिए नए सौदे लाभदायक रहेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी।

सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि का स्वामी ग्रह है, इसलिए इसका शुभ प्रभाव इस राशि पर विशेष रूप से दिखाई देगा। धन निवेश से लाभ मिल सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और साझेदारी में लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन उसके साथ आर्थिक लाभ भी जुड़ा रहेगा। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को अचानक धन लाभ हो सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में फायदा होने की संभावना है। यदि कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो समय अनुकूल है। आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी, जिससे बड़े निर्णय लेने में सफलता मिलेगी। पारिवारिक वातावरण भी सकारात्मक रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के लिए सूर्य का प्रभाव करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। विदेश से जुड़े कार्यों में लाभ हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नई आय के स्रोत बन सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

यूपी में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 7 मार्च तक रद्द, सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होली के पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। प्रदेश में रंगों का पर्व मनाने के दौरान किसी भी प्रकार के कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने के प्रयास को रोकने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने 1 से 7 मार्च तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि इस दौरान कोई भी अव्यवस्था या हिंसा का माहौल न बने।

होली पर सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा इंतजाम

होली जैसे उत्सव के दौरान अक्सर माहौल में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा या तनाव पैदा करने की कोशिश की जाती है। इसको देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्णा ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस दौरान पुलिसकर्मी अपनी छुट्टियों का लाभ नहीं उठा सकेंगे और उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और तत्परता से करना होगा।

राजीव कृष्णा ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान केवल वही पुलिसकर्मी छुट्टी पर जा सकेंगे, जिनके लिए सक्षम अधिकारी की स्वीकृति प्राप्त हो। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न आए और कोई भी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास न कर पाए।

सामूहिक रूप से मनाएंगे होली

डीजीपी ने बताया कि पुलिसकर्मी 7 मार्च तक छुट्टी नहीं ले पाएंगे, लेकिन तीन मार्च के बाद वे सामूहिक रूप से होली का पर्व मना सकेंगे। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी दिन पुलिसकर्मियों के अवकाश लेने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। एकजुट होकर होली मनाने से न केवल पुलिस कर्मियों के बीच एकता बढ़ेगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

पुलिस कर्मियों को दिए गए सख्त निर्देश

डीजीपी राजीव कृष्णा ने सभी पुलिस कमिश्नरों, एसएसपी और अन्य संबंधित अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश को कड़ाई से लागू करें। उन्होंने यह भी कहा कि होली के दौरान अगर कोई भी ऐसा तत्व सामने आता है जो माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदेश में कोई भी घटना कानून और व्यवस्था की स्थिति को कमजोर नहीं कर सकती, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

किसे मिलेगा अवकाश?

सिर्फ उन्हीं पुलिसकर्मियों को अवकाश दिया जाएगा, जिनकी छुट्टी के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी असामाजिक तत्व बेखौफ होकर अपनी हरकतें न कर सके। पुलिस विभाग की इस तैयारियों से यह साबित होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार होली जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देती है और राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

8वें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8 बड़ी खबर

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग से जुड़ी खबरें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आई हैं। फरवरी 2026 के आखिरी हफ्ते में इस संदर्भ में कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच चल रही बातचीत से यह साफ हो रहा है कि अगले कुछ वर्षों में वेतन संरचना और भत्तों में व्यापक सुधार होने जा रहा है।

1. 50% DA का मूल वेतन में मर्जर: FNPO की मांग

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने 27 फरवरी 2026 को आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर 50% महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज करने की मांग की है। यह मांग कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के साथ-साथ उनकी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। अगर यह मांग पूरी होती है, तो कर्मचारियों को एक अच्छी वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

2. 66% वेतन वृद्धि का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों ने एक अहम प्रस्ताव रखा है जिसमें 'फैमिली यूनिट' को 3 से बढ़ाकर 5 करने की बात की जा रही है। इसका मतलब यह है कि यदि सरकार इस प्रस्ताव को मानती है, तो कर्मचारियों के मूल वेतन में 66% तक की भारी वृद्धि हो सकती है। इससे न केवल कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहतर जीवनशैली सुनिश्चित होगी।

3. फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा

फिटमेंट फैक्टर केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। 25 फरवरी 2026 को हुई एनसी-जेडीसी (NC-JCM) की बैठक में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 और 7% वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) का प्रस्ताव रखा गया। यह प्रस्ताव कर्मचारियों के वेतन में सीधी बढ़ोतरी की संभावना को जन्म देता है और इसे लेकर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।

4. 1 जनवरी 2026 से वेतन ढांचा

केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के पूरा होने में 18 महीने तक का समय लग सकता है, जिसके बाद कर्मचारियों को बकाया राशि मिलने की संभावना है। यह बकाया राशि कर्मचारियों के लिए एक बड़ा वित्तीय लाभ साबित हो सकती है और उनके आर्थिक दबाव को कम कर सकती है।

5. न्यूनतम वेतन में वृद्धि होगी

फिटमेंट फैक्टर में संभावित वृद्धि के आधार पर न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही न्यूनतम पेंशन भी ₹25,740 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार होगा और वे अपने परिवारों के लिए बेहतर जीवनयापन कर सकेंगे।

6.आधिकारिक वेबसाइट का लॉन्च

सरकार ने आयोग के कामकाज को गति देने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति शुरू कर दी है और इसके साथ ही 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) भी लॉन्च कर दी है। इस वेबसाइट के माध्यम से कर्मचारियों को आयोग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा, रिक्त पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 9 मार्च 2026 निर्धारित की गई है, जिससे कर्मचारियों को आयोग के साथ काम करने का मौका मिल सकेगा।

7. कर्मचारियों के लिए 5 प्रमोशन की गारंटी

कर्मचारी संगठनों ने यह मांग उठाई है कि सरकारी कर्मचारियों को पूरे करियर में कम से कम 5 प्रमोशन मिलनी चाहिए। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह कर्मचारियों को और भी प्रेरित करेगा और उन्हें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिलेगा। इससे कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि होगी और कार्यस्थल पर उनके योगदान को अधिक मान्यता मिलेगी।

8. पेंशन और चिकित्सा भत्ते में सुधार के आसार

पेंशन और चिकित्सा भत्तों में सुधार की मांग भी प्रमुख है। केंद्र सरकार द्वारा CGHS (Central Government Health Scheme) सुविधा से वंचित क्षेत्रों के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही, लीव इनकैशमेंट की सीमा को 300 से बढ़ाकर 400 दिन करने का भी प्रस्ताव है। ये दोनों सुधार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होंगे।

पीएम मोदी का बड़ा फैसला, देशभर की बेटियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की बेटियों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है, जो न केवल भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा देगा, बल्कि लाखों लड़कियों के जीवन को सुरक्षित भी करेगा। राजस्थान के अजमेर से प्रधानमंत्री मोदी ने 14 साल की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल भारत के महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक अहम कदम है और इसे "स्वस्थ नारी" अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

HPV टीकाकरण की महत्वता

भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। ग्लोबोकैन 2022 के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 1 लाख 20 हजार से अधिक नए मामले सामने आते हैं, और लगभग 80 हजार महिलाएं इस बीमारी से मृत्यु को प्राप्त होती हैं। सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले हाई-रिस्क HPV संक्रमण के कारण होते हैं, खासकर HPV टाइप 16 और 18 के कारण, जो भारत में लगभग 80% मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।

चिंता की बात यह है कि यह कैंसर बहुत धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि समय पर टीकाकरण और जांच से इसे रोका जा सकता है। यही कारण है कि पीएम मोदी की सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 14 साल की बालिकाओं के लिए HPV टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

कार्यक्रम की विशेषताएँ

इस HPV टीकाकरण कार्यक्रम को पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है और यह सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगा। इस कार्यक्रम में हर साल लगभग 1.15 करोड़ बालिकाओं को लक्षित किया जाएगा। टीकाकरण के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है, जैसे कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला व जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज। टीकाकरण स्वैच्छिक होगा, लेकिन इसे केवल अभिभावकों की सहमति के बाद ही दिया जाएगा।

इस अभियान में क्वाड्रिवैलेंट HPV वैक्सीनेशन - Gardasil का उपयोग किया जाएगा, जो दुनिया की सबसे ज्यादा शोधित और सुरक्षित वैक्सीनेशन में से एक है। अब तक 2006 से लेकर अब तक इस वैक्सीन की 50 करोड़ से अधिक डोज़ दी जा चुकी हैं, और यह HPV के उन प्रकारों के खिलाफ लगभग 100% प्रभावी पाई गई है, जिनका यह कवर करती है।

मिशन मोड में अभियान की शुरुआत

यह अभियान पहले तीन महीनों तक मिशन मोड में चलेगा, जिसमें हर दिन निर्धारित केंद्रों पर टीकाकरण होगा। इसके बाद यह कार्यक्रम एक नियमित टीकाकरण योजना का हिस्सा बन जाएगा, ताकि हर योग्य बालिका को समय पर टीका मिल सके और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी बच्ची टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

शनि का अद्भुत प्रभाव: 5 राशियों को मिलेंगे नए अवसर और खुशियां

राशिफल। शनि, जो कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार न्याय के देवता माने जाते हैं, का प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। वह व्यक्ति के जीवन में सच्चाई और परिश्रम की परीक्षा लेते हैं, लेकिन जब उनका आशीर्वाद मिलता है, तो जीवन में नई दिशाएँ और अवसर खुलते हैं। इस बार शनि के शुभ प्रभाव से पांच राशियाँ विशेष लाभ प्राप्त करने जा रही हैं।

1. मेष राशि

शनि के शुभ प्रभाव से मेष राशि के जातकों को कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। जो लोग नौकरी की तलाश में थे, उन्हें इस समय कुछ बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं। शनि का दृष्टि व्यापारियों के लिए भी शुभ साबित होगी, जिससे व्यवसाय में वृद्धि होगी। इसके अलावा, किसी बड़े फैसले को लेने का सही समय है। रिश्तों में भी सुधार की संभावना है और पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य में भी सुधार होने की संभावना है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव नए अवसर लेकर आएगा। यदि आप किसी नई योजना पर काम कर रहे हैं, तो यह समय बहुत अच्छा है। शनि के प्रभाव से आपके सभी कार्य समय पर और सही तरीके से पूरे होंगे। इस समय के दौरान, आप अपनी मेहनत का फल प्राप्त कर सकते हैं, खासकर यदि आप व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। शनि आपके कार्यस्थल पर आपको सम्मान दिलाएंगे, और नौकरी में प्रमोशन की संभावना भी बन सकती है। मानसिक शांति और संतुलन भी प्राप्त होगा, जो आपकी जीवनशैली को सुधारने में मदद करेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव आशाजनक रहेगा। इस समय, शनि आपके कार्यों को स्थिरता देगा और आपको सफलता की ओर मार्गदर्शन करेगा। यदि आप किसी कठिन परिस्थिति में थे, तो अब उससे बाहर निकलने का समय आ चुका है। शनि आपके जीवन में सुधार लेकर आएंगे और पुराने नुकसान की भरपाई भी कर सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी यह समय अनुकूल रहेगा, खासकर उन जातकों के लिए जो उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हैं। पारिवारिक जीवन में भी खुशियाँ और सामंजस्य बढ़ेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस समय शनि से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आपकी मेहनत अब रंग लाने वाली है। जो लोग लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, उनके लिए अब सफलता के रास्ते खुलेंगे। शनि के प्रभाव से आपको नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं, और आपकी क्षमताओं को पहचान मिलीगी। वित्तीय स्थिति भी बेहतर होगी और संपत्ति संबंधित मामले में लाभ मिलने की संभावना है। व्यक्तिगत जीवन में भी संतुलन और शांति बनी रहेगी।

5. मकर राशि

मकर राशि के लिए शनि का प्रभाव बहुत ही फलदायक साबित होगा। शनि की स्थिति मकर राशि के लिए प्राकृतिक रूप से सकारात्मक है, और इस बार शनि अपने ही घर में होने के कारण आपको अधिक आशीर्वाद दे सकते हैं। इस समय, आपको नए करियर अवसर मिल सकते हैं, और आप अपने पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव देख सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, जिससे आपकी बचत में वृद्धि होगी। परिवार के साथ समय बिताने और रिश्तों में सामंजस्य बनाने का भी यह अच्छा समय है।

इजरायल-ईरान की भीषण जंग शुरू, अमेरिका भी शामिल

न्यूज डेस्क। इजरायल और ईरान के बीच एक और गंभीर सैन्य संघर्ष का आगाज हुआ, जिसमें अमेरिका ने भी अपनी भूमिका निभानी शुरू कर दी है। यह टकराव इजरायल और ईरान के बीच पिछले कई सालों से जारी तनाव का एक और परिणाम है, और इसने वैश्विक सुरक्षा पर गहरे असर डालने की संभावना जताई है।

इस्राइल के हमले और उनके उद्देश्य

शनिवार को, इजरायल ने ईरान के विभिन्न प्रमुख ठिकानों पर एक साथ 30 से अधिक मिसाइल हमले किए। इन हमलों का निशाना ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर, राष्ट्रपति भवन, और विभिन्न मंत्रालयों सहित अन्य रणनीतिक ठिकाने बने। इजरायल का दावा है कि उसने यह कार्रवाई "खतरों को दूर करने" के उद्देश्य से की है। इस हमले के बाद तेहरान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जो पूरे शहर में हड़कंप का कारण बनीं।

ऑपरेशन 'शील्ड ऑफ जूडा'

इजरायल ने इस सैन्य ऑपरेशन का नाम 'शील्ड ऑफ जूडा' रखा है, जिसका अर्थ है यहूदियों की सुरक्षा। ऑपरेशन के तहत, ईरान के छह बड़े शहरों में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के दौरान ईरान के अधिकांश प्रमुख हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। इस्राइल ने यह कदम सीधे तौर पर ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए उठाया है।

अमेरिकी समर्थन: संयुक्त कार्रवाई?

हालांकि इजरायल ने आधिकारिक रूप से अकेले इस हमले का संचालन करने का दावा किया है, लेकिन अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स ने यह संकेत दिया है कि अमेरिका ने इजरायल को इस हमले में रणनीतिक सहयोग दिया है। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हमलों को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच गहरे तालमेल की संभावना है।

ईरान की प्रतिक्रिया और कड़े कदम

इजरायल के हमलों के बाद, ईरान ने तीव्र प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि इस हमले का उचित जवाब दिया जाएगा, और उनका सैन्य बागीचियों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, लेकिन वे देश में ही हैं। इसके साथ ही, ईरान ने यह भी बताया कि वह इस हमले के लिए बदला लेने की योजना बना रहा है, जो 'करारा' होगा।

ट्रंप की धमकी और भविष्य की रणनीतियाँ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के दौरान अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु शक्ति बनने का मौका नहीं मिलेगा, और अमेरिका ईरान के परमाणु हथियारों को पूरी तरह नष्ट करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के भीतर सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल और नौसेना को समाप्त करना है।

यूपी में बेटियों के लिए खुशखबरी, सरकार देगी 25 हजार रुपए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों के विकास और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कन्या सुमंगला योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि 25,000 रुपये तक पहुंच गई है। यह राशि बेटी के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर छह चरणों में दी जाएगी, ताकि परिवार को हर कदम पर आर्थिक सहारा मिल सके।

योजना का मकसद:

कन्या सुमंगला योजना का लक्ष्य बेटियों को बोझ समझने वाले मानसिक दृष्टिकोण को बदलना और उनके पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों में मदद करना है। यह विशेष रूप से गरीब परिवारों के लिए सहारा साबित होगी।

छह चरणों में वितरण:

बेटी के जन्म पर पहली किस्त।

टीकाकरण पूरा होने पर दूसरी किस्त।

पहली कक्षा में प्रवेश के समय तीसरी किस्त।

मिडिल स्कूल की शुरुआत पर चौथी किस्त।

हाई स्कूल में दाखिले पर पांचवीं किस्त।

कॉलेज या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर अंतिम और बड़ी किस्त।

इस योजना की पात्रता शर्तें:

लाभार्थी परिवार का उत्तर प्रदेश में स्थायी निवास होना अनिवार्य। परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को दिया जाएगा, जुड़वा बेटियों के मामले में तीसरी भी पात्र मानी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया और ऑनलाइन:

फॉर्म भरने के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन कर आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन पूरा माना जाएगा।

बिहार में बनेगा ‘शिव सर्किट’: शिव भक्तों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शिव सर्किट बनाने की योजना की घोषणा कर दी है। यह योजना विशेष रूप से राज्य के पौराणिक और सुप्रसिद्ध शिव मंदिरों को जोड़कर तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए एक व्यवस्थित मार्ग तैयार करने पर केंद्रित है।

कार्ययोजना और विकास:

पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में कहा कि राज्य में मौजूद पौराणिक शिव मंदिरों तक पहुँच को दुरुस्त करने के लिए सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इसके लिए आवश्यकतानुसार नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा और सभी मंदिरों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने विधायकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएँ। इन सूचनाओं के आधार पर टीम बनाकर समीक्षा बैठक की जाएगी।

पर्यटन मंत्री का बयान:

विधान परिषद में पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि राज्य के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की सूची तैयार करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। योजना के अनुसार शिव सर्किट में शामिल किए जाने वाले मंदिरों का चयन स्थानी लोकप्रियता और धार्मिक महत्व के आधार पर किया जाएगा।

शिव सर्किट में शामिल प्रमुख मंदिर:

इस सर्किट में बिहार के कई प्रमुख और सुप्रसिद्ध मंदिर शामिल किए जाएंगे, जैसे: मुजफ्फरपुर का गरीबनाथ मंदिर, सोनपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, मधुबनी के उगना महादेव मंदिर, भागलपुर का सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, गयाजी के बैजूधाम मंदिर, हाजीपुर का पतालेश्वर महादेव मंदिर, रहिका का कपिलेश्वर मंदिर। 

इसके अलावा लखीसराय, दरभंगा, मधेपुरा, शिवहर, बक्सर और पटना समेत राज्य के अन्य जिलों के प्रमुख शिव मंदिर भी इस सर्किट में शामिल होंगे। बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के तहत 61 शिवालय पहले से ही चिन्हित हैं, जिन्हें इस योजना में समायोजित किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:

शिव सर्किट बनने के बाद राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। श्रद्धालु मंदिरों का दौरा सुगम तरीके से कर पाएंगे और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही सड़क और पथ व्यवस्था में सुधार से यात्रा का समय और कठिनाइयाँ कम होंगी।

शनि का खेल शुरू! 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के ताले

राशिफल। ग्रहों की चाल हमेशा से ही हमारी जिंदगी पर असर डालती रही है। लेकिन शनि के इस नए ट्रांज़िट के साथ अब कुछ राशियों के लिए करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा में खुल सकते हैं नए दरवाजे। खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी 2026 के अंत तक शनि की स्थिति 5 राशियों पर विशेष रूप से लाभदायक रहेगी।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले इस समय व्यावसायिक अवसरों के लिए खुशकिस्मत हैं। शनि की अनुकूल चाल के कारण पुराने निवेशों और पार्टनरशिप में लाभ दिखाई दे सकता है। नए प्रोजेक्ट्स में शामिल होने का समय बेहतर है। नौकरीपेशा मिथुन राशि वाले प्रमोशन और वेतन वृद्धि की संभावनाओं का आनंद ले सकते हैं।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय धन और संपत्ति से जुड़ी योजनाओं में सफलता का संकेत देता है। घर या वाहन जैसी बड़ी खरीदारी के मौके मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है, जो करियर ग्रोथ में मददगार होगी।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को बढ़ाने वाला रहेगा। इस समय लोगों के सामने अपने कार्य और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उच्च अधिकारियों या समाज में प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ संबंध मजबूत होंगे।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वाले अपने करियर और शिक्षा में नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकते हैं। लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं या प्रतियोगिताओं में सफलता मिलने की संभावना है। समय प्रबंधन और अनुशासन बनाए रखें, इससे परिणाम और भी बेहतर होंगे।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शनि की चाल वित्त और व्यवसाय में वृद्धि का संकेत देती है। नए कॉन्ट्रैक्ट्स या व्यापारिक डील्स लाभकारी साबित हो सकती हैं। नौकरीपेशा मकर राशि वालों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो उनके करियर ग्रोथ को मजबूत करेगी।

CM योगी का आदेश: पूरे यूपी में अलर्ट, सभी जिलों में लागू!

लखनऊ: होली के त्योहार को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में परिवहन और सड़क सुरक्षा के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाई अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि त्योहार के दौरान दुर्घटनाओं और यातायात की परेशानी को रोका जा सके।

इस साल होली पर विशेष रूप से ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और बिना हेलमेट या सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर का प्रावधान अनिवार्य किया गया है।

अतिरिक्त बसों का संचालन

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि 28 फरवरी से 9 मार्च तक दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। लखनऊ और कानपुर से भी यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। होली के बाद भी दिल्ली, जयपुर, कानपुर और लखनऊ से पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए पर्याप्त बसें उपलब्ध रहेंगी।

सख्त नियम और निगरानी

सभी निगम बसें ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन) से ही चलेंगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई का अधिकार होगा। प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। वाहनों में ज्वलनशील सामग्री या गैस सिलेंडर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई बस नियम उल्लंघन में पकड़ी जाती है, तो यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक बस उपलब्ध कराई जाएगी।

शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्ती

शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ ब्रेथ एनालाइजर से नियमित जांच की जाएगी। इसके अलावा संभागीय और क्षेत्रीय अधिकारी जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। होली के दौरान सात दिन कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और अधिकारी आम लोगों के फोन कॉल अवश्य उठाएंगे, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

अनफिट बसों पर पूरी पाबंदी सुनिश्चित

सभी जिले और परिवहन निगम सुनिश्चित करेंगे कि अनफिट बसों का संचालन न हो, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके। सीएम योगी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह योजना न केवल सुरक्षा बढ़ाने के लिए है बल्कि त्योहार के दौरान यात्रियों का समय और ईंधन की बचत सुनिश्चित करने के लिए भी लागू की गई है।

यूपी में 10 मीटर चौड़ी होगी सड़क, लोगों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में एक अहम सड़क परियोजना की शुरुआत कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग ने मुरादाबाद से बदायूं होते हुए फर्रुखाबाद तक 36 किलोमीटर लंबे राज्य राजमार्ग का चौड़ीकरण 134 करोड़ रुपये की लागत से शुरू कर दिया है।

वर्तमान में सड़क अपेक्षाकृत संकरी है और इस पर अक्सर जाम लग जाता है। नई योजना के तहत सड़क को दोनों ओर पांच-पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिससे कुल चौड़ाई 10 मीटर हो जाएगी। कार्य पूरा होने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा।

सफर होगा आरामदायक

इस मार्ग का चौड़ीकरण मुरादाबाद से कानपुर जाने वाले वाहनों के लिए राहत लेकर आएगा। अब यात्रियों को जाम में फंसे रहने की चिंता नहीं रहेगी और समय के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी।

अतिक्रमण हटाए जाएंगे

चौड़ीकरण की शुरुआत उसावां स्थित काली देवी मंदिर से हुई है और सड़क फर्रुखाबाद के अमृतपुर तक जाएगी। शाहजहांपुर और मिर्जापुर के माध्यम से गुजरते हुए यह मार्ग स्थानीय और लंबी दूरी की यात्रा दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि सड़क का चौड़ीकरण बिना किसी रुकावट के हो सके।

निर्माण और निगरानी

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुसार, लखनऊ की अजय प्रकाश फर्म सड़क निर्माण का कार्य पूरा करेगी। विभाग का लक्ष्य है कि सड़क का चौड़ीकरण समय पर पूरा हो और यातायात सुचारू रूप से चले। जानकारों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि आसपास के इलाकों में परिवहन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। 

बिहार के सरकारी स्कूलों में बदलाव: छात्रों और शिक्षकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा और प्रशासनिक सुधार की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक विद्यालयों में पुराने वेतनमान वाले स्नातक ग्रेड और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्त शिक्षकों के तबादलों पर सरकार विचार कर रही है।

मंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में करीब ढाई लाख शिक्षकों का तबादला किया गया है, जिसमें लगभग 75-80 प्रतिशत शिक्षक अपनी नई पोस्ट से संतुष्ट हैं। भविष्य में जिलों के भीतर शिक्षक तबादलों के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी, जो छात्रों की संख्या और रिक्त पदों के आधार पर निर्णय लेगी। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और संतुलन बनाए रखा जा सके।

आकस्मिक अवकाश में सुधार

सरकारी स्कूलों में आकस्मिक अवकाश की गणना में पाई गई विसंगतियों को दूर करने का भी आश्वासन दिया गया है। अब रविवार या अन्य छुट्टियों के बीच आने वाले अवकाशों को भी सही तरीके से गिना जाएगा। इसके अलावा, आवासीय स्कूलों में अवकाश की स्वीकृति का अधिकार प्रधानाचार्य को देने पर भी विचार किया जा रहा है।

स्कूलों में सफाई व्यवस्था होगी बेहतर

सरकारी स्कूलों में सफाई एजेंसियों की मॉनीटरिंग को मजबूत करने का भी आश्वासन मिला है। शिकायत मिलने पर कई जिलों में एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब भविष्य में एजेंसियों का चयन सीधे विभाग द्वारा करने पर विचार किया जा रहा है।

संस्कृत और मदरसा शिक्षकों को वेतन

शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के कर्मियों के पंचम एवं षष्ठम वेतन पुनरीक्षण की लंबित राशि का भुगतान मार्च 2026 तक करने की कोशिश होगी। मदरसा विद्यालयों के लिए लगभग 571 करोड़ और संस्कृत स्कूलों के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पोषण वाटिका योजना से बच्चों को ताजी सब्जियां

स्कूलों के मिड-डे मील में ताजी सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पोषण वाटिका योजना लागू की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में कमेटी बनाई जाएगी, जो योजना को जमीन पर उतारेगी। इससे न केवल बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि उनका प्रकृति से जुड़ाव भी बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि ये सभी कदम छात्रों और शिक्षकों दोनों के हित में उठाए जा रहे हैं।

भारतीय नौसेना का नया शील्ड: 150 किमी रेंज वाली Barak-8 ER

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने अपनी हवाई सुरक्षा क्षमताओं को अगले स्तर तक ले जाने की तैयारी कर ली है। इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने नौसेना को Barak-8 ER (Extended Range) मिसाइल प्रणाली पेश की है, जो अधिक लंबी दूरी तक हवाई खतरों को रोक सकती है। इस अपग्रेड से नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों के लिए 150 किमी तक हवाई सुरक्षा कवच स्थापित होगा।

मौजूदा प्रणाली और इसकी सीमा

भारतीय नौसेना वर्तमान में Barak-8 परिवार की मिसाइलों का उपयोग करती है, जिनकी मारक क्षमता लगभग 100 किमी तक है। ये मिसाइलें विध्वंसक पोत, फ्रिगेट और विमानवाहक पोत पर तैनात हैं और क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा का मुख्य आधार हैं। हालांकि, बढ़ते आधुनिक हवाई खतरों को ध्यान में रखते हुए, ER संस्करण लंबी दूरी तक हवाई खतरों का पहले ही इंटरसेप्शन सुनिश्चित करता है।

Barak-8 ER की तकनीकी विशेषताएँ

Barak-8 ER को मौजूदा संस्करण से उन्नत बनाते हुए इसमें बड़ा ड्यूल-पल्स रॉकेट मोटर और अतिरिक्त बूस्टर स्टेज जोड़ा गया है। इससे मिसाइल की रेंज और गति में वृद्धि होती है और यह स्टील्थ विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को 150 किमी दूर से ही निष्क्रिय कर सकती है। ER संस्करण का उद्देश्य केवल हमला रोकना नहीं, बल्कि कैरियर बैटल ग्रुप और टास्क फोर्स के लिए एक मजबूत सुरक्षात्मक घेरे का निर्माण करना भी है।

संयुक्त विकास और स्वदेशी सुधार

Barak-8 कार्यक्रम भारत की DRDO और इजराइल की IAI के लंबे समय से चल रहे सहयोग का परिणाम है। इस साझेदारी के तहत MRSAM (वायु सेना के लिए) और LRSAM (नौसेना के लिए) विकसित किए गए थे। ER संस्करण को मौजूदा वर्टिकल लॉन्च सिस्टम के साथ संगत रखने के लिए इसे अतिरिक्त बूस्टर के साथ अपडेट किया गया है, जिससे जहाजों में बड़े संरचनात्मक बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।

क्या होंगे इसके रणनीतिक महत्व?

150 किमी रेंज वाली Barak-8 ER मिसाइल के साथ, भारतीय नौसेना को अब दुश्मन के हवाई हमलों का पता चलने के साथ ही उन्हें प्रभावी रूप से रोकने का अवसर मिलेगा। यह प्रणाली न केवल जहाजों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि नौसेना की सामरिक स्वतंत्रता को भी सुदृढ़ करेगी।

भारत ने किया करिश्मा! देसी एयर डिफेंस से स्टेल्थ जेट का खेल खत्म

नई दिल्ली। भारत की वायु सुरक्षा क्षमता एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। वर्ष 2026 की शुरुआत में स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली कुशा तेजी से अपने अंतिम एकीकरण चरण की ओर बढ़ रही है। इसे “मिशन सुदर्शन चक्र” के व्यापक बहु-स्तरीय एयर डिफेंस नेटवर्क का मुख्य स्तंभ माना जा रहा है।

मॉड्यूलर डिजाइन: एक प्लेटफॉर्म, कई क्षमताएं

प्रोजेक्ट कुशा की सबसे बड़ी विशेषता इसका मॉड्यूलर ढांचा है। अलग-अलग दूरी के लिए पूरी तरह अलग मिसाइल विकसित करने के बजाय एक बेस इंटरसेप्टर (M1) तैयार किया गया है, जिसमें आवश्यकता अनुसार बड़े बूस्टर जोड़े जा सकते हैं। इससे लॉजिस्टिक्स सरल होते हैं, रखरखाव आसान होता है और लागत नियंत्रण में रहती है।

इस प्रणाली में तीन श्रेणी की मिसाइलें शामिल हैं:

M1 (लगभग 150 किमी रेंज): लड़ाकू विमानों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन जैसे मध्यम दूरी के खतरों के लिए।

M2 (करीब 250 किमी रेंज): स्टेल्थ प्लेटफॉर्म और उच्च गति वाले हवाई लक्ष्यों के खिलाफ।

M3 (350–400 किमी रेंज): एईडब्ल्यूएंडसी, एयर-टू-एयर रिफ्यूलर और संभावित हाइपरसोनिक खतरों जैसे उच्च मूल्य लक्ष्यों के लिए।

इस तरह लक्ष्य की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त मिसाइल का चयन किया जाता है, जिससे महंगी लंबी दूरी की मिसाइलों का अनावश्यक उपयोग रोका जा सके।

हल्की और अधिक फुर्तीली इंटरसेप्टर

कुशा प्रणाली की मिसाइलों को तुलनात्मक रूप से हल्का डिजाइन किया गया है। कम वजन का अर्थ है अधिक गति और अंतिम चरण में बेहतर मैन्युवरबिलिटी। आधुनिक हवाई युद्ध में, जहां लक्ष्य दिशा बदल सकता है या इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का सहारा ले सकता है, वहां तेज प्रतिक्रिया और दिशा-परिवर्तन क्षमता निर्णायक भूमिका निभाती है।

स्वदेशी GaN AESA रडार की ताकत

इस परियोजना की रीढ़ उन्नत रडार तकनीक है। इसमें L-बैंड और S-बैंड आधारित स्वदेशी AESA रडार लगाए जा रहे हैं, जो गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित हैं। GaN मॉड्यूल उच्च शक्ति, बेहतर संवेदनशीलता और अधिक दक्षता प्रदान करते हैं। L-बैंड रडार स्टेल्थ विमानों की पहचान में सहायक माने जाते हैं, जबकि S-बैंड उच्च सटीकता ट्रैकिंग में उपयोगी है। 

आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

प्रोजेक्ट कुशा भारत को अपने रडार, सॉफ्टवेयर, गाइडेंस सिस्टम और अपग्रेड चक्र पर पूर्ण नियंत्रण देता है। बदलते खतरों के अनुसार त्वरित सुधार किए जा सकते हैं, बिना किसी विदेशी निर्भरता के। प्रोजेक्ट कुशा केवल एक मिसाइल प्रणाली नहीं, बल्कि एक संपूर्ण स्वदेशी एयर डिफेंस आर्किटेक्चर का प्रतीक है।

भारत के लिए बड़ा मौका, ट्रंप की बढ़ी टेंशन, रूस खुश!

नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने भारत की ऊर्जा रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से तेल आयात पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया। इस फैसले के बाद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रख सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बना सकता है।

रूस से तेल आयात में राहत

विश्लेषकों का कहना है कि भारत संभवतः रूस से तेल की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाएगा। फरवरी 2026 तक रोजाना 11.6 लाख बैरल रूसी तेल भारत में पहुंचा, जो पिछले साल के औसत 17.1 लाख बैरल से कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल और मई की डिलीवरी पर अभी अनुमान लगाना जल्दी होगा, लेकिन कोर्ट के फैसले से भारतीय रिफाइनर आयात जारी रख पाएंगे।

ट्रंप के टैरिफ का असर खत्म

पिछले साल अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल आयात करने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इसके कारण भारतीय निर्यात पर कुल 50% टैरिफ प्रभावी हो गया था। लेकिन अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इसे गैरकानूनी करार दिया, जिससे भारत के लिए रूसी तेल खरीद पर प्रतिबंध का खतरा घट गया।

भारत की रणनीति और स्वतंत्रता

जानकारों का कहना है कि भारत की ऊर्जा नीति हमेशा कीमत और स्रोत विविधता पर निर्भर रही है। भारत अब 8–10 लाख बैरल प्रति दिन के स्तर पर रूस से तेल आयात बनाए रख सकता है। इस कदम से न केवल घरेलू ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि वैश्विक मार्केट में भारत की स्थिर स्थिति भी बनी रहेगी।

8वें वेतन आयोग: क्या पुरानी पेंशन योजना फिर होगी लागू?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने NC-JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में OPS को मुख्य एजेंडा बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा NPS और हाल ही में शुरू की गई यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) कर्मचारियों को पूरी तरह से सुनिश्चित पेंशन नहीं देती, इसलिए OPS बहाल करना जरूरी है।

सरकार का रुख

केंद्र सरकार ने अब तक OPS को बहाल करने का कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है। सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) वित्तीय दृष्टि से अधिक टिकाऊ है और भविष्य में पेंशन व्यवस्था पर बोझ कम करता है। इसके विकल्प के रूप में 2025 में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पेश की गई, जो कुछ हद तक सुनिश्चित पेंशन की गारंटी देती है, लेकिन OPS जैसी पूर्ण गारंटी नहीं।

8वें वेतन आयोग की स्थिति

8वें वेतन आयोग का गठन मंजूर हो चुका है और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला पैनल अब सैलरी और पेंशन ढांचे की समीक्षा कर रहा है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं, लेकिन वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सरकार अधिसूचना जारी करेगी।

पेंशनर्स पर क्या होगा असर?

अगर आयोग कर्मचारी संगठनों की मांगों पर सकारात्मक सिफारिश करता है, तो पुराने पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन में भारी बढ़ोतरी (₹25,000 या उससे अधिक) की संभावना बन सकती है। इसके अलावा, वेतन आयोग पुराने पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन और रिवीजन की सिफारिश भी करेगा, जैसा कि पिछले आयोगों में होता रहा है।

OPS को लेकर कर्मचारी यूनियनें का दबाव

अभी तक OPS लागू होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारी यूनियनें सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर केवल कर्मचारियों के वेतन पर ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर भी पड़ेगा। इस मामले में अंतिम निर्णय आने तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें सरकार और आयोग दोनों पर बनी रहेंगी।

8वें वेतन आयोग के 18 सवाल, केंद्रीय कर्मचारी दें जवाब!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया है। आयोग ने 18 सवालों पर कर्मचारियों और पेंशनर्स से राय मांगी है, जिनका असर सीधे उनके वेतन, भत्तों और पेंशन पर पड़ेगा। इन सवालों में वेतन संरचना, भत्ते, पेंशन, महंगाई भत्ता और विशेष विभागों के वेतन निर्धारण जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

वेतन और फिटमेंट को लेकर सवाल

आयोग ने कर्मचारियों से पूछा है कि वेतन वृद्धि के समय अर्थव्यवस्था, खर्च और महंगाई को कैसे संतुलित किया जाए। यह भी विचार किया जा रहा है कि सरकारी और निजी क्षेत्र की तुलना कैसे की जाए। क्या सभी विभागों में समान वेतन ढांचा होना चाहिए या हर सेक्टर को उसके निजी समकक्ष के अनुसार देखा जाए।

फिटमेंट फैक्टर, एंट्री लेवल वेतन, इंक्रीमेंट दर और परफॉर्मेंस आधारित वेतन जैसे सवालों पर भी राय मांगी गई है। आयोग यह जानना चाहता है कि ग्रुप A और अन्य उच्च पदों पर योग्य लोगों को आकर्षित करने के लिए वेतन संरचना कैसी हो।

भत्ते और पेंशन पर विचार

कर्मचारियों से यह भी पूछा गया है कि अलग-अलग भत्तों की व्यवस्था जारी रहे या कैफेटेरिया मॉडल लागू किया जाए, जिसमें कर्मचारी अपनी जरूरत के अनुसार भत्ते चुन सकें।

पेंशनरों की बढ़ती संख्या और इसके बजट पर प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आयोग ने सुझाव मांगे हैं कि कैसे पेंशन खर्च संतुलित किया जाए। महंगाई भत्ते (DA) के निर्धारण में क्या केवल महंगाई ही देखी जाए या वेतन वृद्धि और ट्रेंड को भी शामिल किया जाए, यह भी आयोग जानना चाहता है।

विशेष विभागों के लिए अलग नियम

रेलवे, CAPF, रक्षा बल और वैज्ञानिक विभागों के कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में उनकी नौकरी की प्रकृति और जोखिम को कैसे शामिल किया जाए, इस पर भी राय मांगी गई है। विशेष रूप से सैनिकों और पुलिस/सीएपीएफ कर्मियों के वेतन में संतुलन कैसे रखा जाए और रक्षा पेंशन के खर्च को काबू में कैसे रखा जाए, यह भी चर्चा का हिस्सा है।

बोनस और स्टाफिंग सुधार को लेकर सवाल

प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस सभी कर्मचारियों को समान मिले या परफॉर्मेंस के अनुसार भिन्न, इस पर भी राय ली जा रही है। साथ ही, आयोग ने लेटरल एंट्री, पार्ट-टाइम और फ्लेक्सी टाइम जैसे स्टाफिंग सुधारों के फायदे और नुकसान पर भी सुझाव मांगे हैं।

NC-JCM स्टाफ साइड की अगली बैठक 10 मार्च के बाद होने वाली है। इसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के सुझावों पर चर्चा होगी और संभव है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में इन सवालों का असर दिखाई दे। जानकारों का मानना है कि इस बार वेतन आयोग की सिफारिशें न सिर्फ कर्मचारियों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि सरकारी खर्च और बजट संतुलन को भी ध्यान में रखेंगी।

भारत के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, अमेरिका हैरान, चीन सन्न!

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका के ऊँचे टैरिफ और अनिश्चितताओं के दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 7.8% की वृद्धि दर यह दिखाती है कि देश की विकास गति अभी भी स्थिर और सशक्त है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा नई जीडीपी गणना पद्धति के तहत सामने आया है, जो अर्थव्यवस्था की तस्वीर को पहले से अधिक यथार्थ रूप में प्रस्तुत करती है।

क्या बदला है जीडीपी मापने के तरीके में?

सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) ने राष्ट्रीय आय की गणना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के वर्तमान ढांचे को बेहतर तरीके से पकड़ना है।

1 .नया आधार वर्ष: अब आर्थिक गणना का आधार वर्ष 2022-23 रखा गया है। पुराने आधार वर्ष के कारण कई नए उद्योग, डिजिटल सेवाएं और उपभोक्ता पैटर्न पूरी तरह परिलक्षित नहीं हो पाते थे। नया आधार वर्ष आज की आर्थिक वास्तविकताओं को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है।

2 .डिजिटल लेन-देन का उपयोग: Goods and Services Tax Network के डेटा को अब प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है। इससे कारोबार की वास्तविक गतिविधि का अधिक स्पष्ट अनुमान मिलता है। डिजिटल भुगतान और रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के कारण उपभोग और निवेश के आकलन में पारदर्शिता आई है।

3 .अनौपचारिक और गिग सेक्टर की पहचान: डिलीवरी पार्टनर, कैब चालक, फ्रीलांसर और घरेलू सहायक जैसे वर्ग अब अर्थव्यवस्था की औपचारिक गणना का हिस्सा हैं। इससे कुल आर्थिक गतिविधि का दायरा पहले से व्यापक हो गया है।

4 .डबल डिफ्लेशन पद्धति: उत्पादन में इस्तेमाल कच्चे माल और तैयार उत्पाद की कीमतों को अलग-अलग समायोजित करने की प्रणाली अपनाई गई है। इससे वास्तविक मूल्य संवर्धन का बेहतर आकलन संभव हुआ है।

वैश्विक परिदृश्य में भारत

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आकलनों के अनुसार भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से ऊपर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में देश का आर्थिक आकार कई विकसित राष्ट्रों के बराबर पहुंच सकता है। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता हैं।

असली परीक्षा: प्रति व्यक्ति आय

हालांकि कुल जीडीपी में वृद्धि प्रभावशाली है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय अभी भी विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। विकास को व्यापक और समावेशी बनाना अगली बड़ी चुनौती होगी। जब तक ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे व्यवसायों और निम्न आय वर्ग की आय में वास्तविक सुधार नहीं होगा, तब तक विकास अधूरा माना जाएगा।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित 8वां वेतन आयोग सिर्फ वेतन संशोधन की नियमित प्रक्रिया नहीं रह गया है। इस बार चर्चा का केंद्र “फैमिली यूनिट” की परिभाषा है और यही बिंदु न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर बड़े असर की वजह बन सकता है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि अगर परिवार की गणना का दायरा बढ़ाया गया, तो बेसिक सैलरी तय करने का आधार ही ऊपर शिफ्ट हो जाएगा।

पृष्ठभूमि: प्रक्रिया कहां तक पहुंची?

NC-JCM ने 8वें वेतन आयोग के लिए संयुक्त ज्ञापन का मसौदा तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। जनवरी 2025 में सरकार द्वारा आयोग के गठन की घोषणा के बाद विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे गए थे। जिसमे कई समूहों ने अपनी सिफारिशें पहले ही सौंप दी हैं। हालांकि टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी होने के बाद कुछ संगठनों ने यह कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई कि उनकी प्रमुख मांगें शामिल नहीं हुईं।

“66%” की चर्चा क्यों?

यह आंकड़ा सीधे-सीधे गणित से निकलता है। 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन तय करते समय 3 उपभोग इकाइयों (कंजम्प्शन यूनिट) का मॉडल अपनाया था जिसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को मानक रूप से शामिल किया गया था। अब मांग है कि परिवार की परिभाषा को 5 इकाइयों तक विस्तारित किया जाए, ताकि आश्रित माता-पिता को भी गणना में जोड़ा जा सके।

अगर न्यूनतम वेतन 3 यूनिट के बजाय 5 यूनिट पर आधारित होगा, तो अनुपात 5/3 यानी लगभग 1.66 गुना बनता है। यही वह आधार है, जिससे करीब 66% तक तकनीकी बढ़ोतरी की संभावना की बात की जा रही है। ध्यान रहे यह “तुरंत 66% बढ़ोतरी” नहीं, बल्कि गणना के ढांचे में बदलाव से संभावित प्रभाव का संकेत है।

फिटमेंट फैक्टर: असली गेम-चेंजर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिससे मौजूदा बेसिक पे को नई वेतन संरचना में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। कर्मचारी संगठन इसे 3.25 या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं, यह कहते हुए कि महंगाई और जीवन-यापन की लागत काफी बढ़ चुकी है। यदि फैमिली यूनिट का विस्तार मंजूर होता है, तो फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग और मजबूत हो सकती है, क्योंकि नई गणना पहले से ऊंचे आधार पर खड़ी होगी।

पेंशनर्स पर क्या होगा इसका प्रभाव?

पेंशन का नियम आम तौर पर अंतिम बेसिक वेतन का 50% होता है। ऐसे में यदि नई सैलरी मैट्रिक्स ऊपर शिफ्ट होती है, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी। यही वजह है कि पेंशनर संगठन इस मुद्दे पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

अन्य प्रमुख मांगें

फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि

वार्षिक वेतन वृद्धि की दर बढ़ाने का प्रस्ताव

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर पुनर्विचार

हालांकि इन सभी मांगों का अंतिम निर्णय सरकार और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

आज शनि का महाखेल! 5 राशियों पर बरसेगा पैसा और पावर

राशिफल। आज शनि की चाल में आया बदलाव ज्योतिष जगत में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि पांच राशियों के लिए दिन खास रह सकता है। करियर, कारोबार, धन और प्रतिष्ठा के मामलों में सकारात्मक हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर शनि की कृपा बरसने के आसार हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन पेशेवर मोर्चे पर मजबूती देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से अटकी योजनाओं में गति आ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। व्यापारियों के लिए नई डील फाइनल होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि 

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन अनुकूल दिख रहा है। संपत्ति या पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। कारोबार में स्थिरता बढ़ेगी और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा, जिससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए आज का दिन सामाजिक और पेशेवर जीवन में उछाल ला सकता है। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक लाभ के साथ-साथ पहचान में भी इजाफा हो सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का है। पुराने अटके भुगतान मिल सकते हैं। नई योजना या प्रोजेक्ट की शुरुआत लाभकारी रह सकती है। व्यापार में जोखिम उठाने का सही समय साबित हो सकता है।

मकर राशि

मकर राशि शनि से विशेष रूप से जुड़ी मानी जाती है। आज लंबे समय की मेहनत का परिणाम सामने आ सकता है। नौकरी में स्थिरता और तरक्की के संकेत हैं। कारोबारियों को बड़े ऑर्डर या अनुबंध मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। नौकरी बदलने के बाद अक्सर कर्मचारी अपने पुराने भविष्य निधि (PF) खाते को सक्रिय रखना भूल जाते हैं। कई मामलों में खाते में छोटी-मोटी राशि वर्षों तक पड़ी रह जाती है। अब ऐसे ही निष्क्रिय खातों को लेकर अहम फैसला लिया गया है।

Employees' Provident Fund Organisation (ईपीएफओ) ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों में बची छोटी रकम को खाताधारकों तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पहल केंद्रीय श्रम मंत्रालय के निर्देश पर आगे बढ़ाई जा रही है। इससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

किन खातों में पहले आएगा पैसा?

देशभर में लाखों ऐसे पीएफ खाते चिन्हित किए गए हैं जिनमें कई साल से कोई लेन-देन नहीं हुआ। इनमें बड़ी संख्या उन खातों की है जिनमें 1000 रुपये या उससे कम राशि जमा है। योजना के तहत सबसे पहले इन्हीं छोटे बैलेंस वाले खातों की रकम संबंधित खाताधारकों के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते आधार और बैंक विवरण अपडेट व लिंक हों।

इनएक्टिव पीएफ खाता?

यदि किसी पीएफ खाते में लगातार तीन वर्ष तक न तो नियोक्ता द्वारा योगदान जमा किया जाता है और न ही कर्मचारी द्वारा कोई निकासी की जाती है, तो उसे निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) मान लिया जाता है। हालांकि ऐसा खाता स्थायी रूप से बंद नहीं होता। नई नौकरी मिलने पर पुराने यूएएन (UAN) को नए संस्थान से जोड़कर खाते को फिर सक्रिय किया जा सकता है।

निगरानी होगी और सख्त

ईपीएफओ अब अपने डेटा सिस्टम को अन्य सरकारी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया में है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी से काटी गई पीएफ राशि समय पर जमा करें। इससे उन संस्थानों पर नजर रखना आसान होगा जो नियमों का पालन नहीं करते।

कैसे जांचें अपना पीएफ स्टेटस?

खाताधारक अपने खाते की स्थिति और बैलेंस कई तरीकों से देख सकते हैं:

ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर पासबुक जांच सकते हैं।

UMANG ऐप के जरिए “View Passbook” विकल्प से जानकारी मिल सकती है।

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस्ड कॉल सेवा के माध्यम से बैलेंस पता किया जा सकता है।

आपको बता दें की कर्मचारी एसएमएस सेवा का उपयोग कर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बिहार सरकार की नई पहल: 38 जिलों में सर्वेक्षण शुरू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करने के लिए एक नई मुहिम शुरू की है। समाज कल्याण विभाग के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना और SMILE Scheme के तहत शुक्रवार (27 फरवरी) से सभी 38 जिलों में भिक्षुक सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत की गई।

इस अभियान का उद्घाटन विभाग की सचिव और ‘सक्षम’ की कार्यकारिणी समिति की अध्यक्ष बंदना प्रेयषी ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया। साथ ही ‘सक्षम’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी योगेश कुमार सागर भी मौजूद रहे।

सर्वे की प्रक्रिया

अभियान में राज्यभर के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, प्रमुख बाजार और धार्मिक स्थल शामिल हैं। यहां पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त सभी वर्गों महिला, पुरुष, बच्चे और ट्रांसजेंडर की पहचान कर डेटा संग्रह किया जाएगा और फिर मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा पूरी तरह सटीक और विश्वसनीय हो।

सिर्फ आंकड़े नहीं, जीवन की राह

सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल संख्या जुटाना नहीं, बल्कि इन व्यक्तियों को सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़कर उनका पुनर्वास करना है। सर्वे के बाद उन्हें आश्रय, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। अभियान को 30 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पुनर्वास और सहायता कार्य चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

जनता से किया गया सहयोग की अपील

समाज कल्याण विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्ति दिखाई दे, तो इसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-345-6262 पर दें। प्रशासन और जनभागीदारी के साथ ही यह सामाजिक बुराई जड़ से खत्म की जा सकती है। इस अभियान से बिहार में भिक्षावृत्ति के मामले कम होंगे और प्रभावित लोग सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ेंगे।

आज शनि देंगे सरप्राइज गिफ्ट! इन 5 राशियों की होगी चांदी ही चांदी

राशिफल। आज ग्रहों की चाल कुछ खास संकेत दे रही है। विशेष रूप से शनि ग्रह की अनुकूलता इन पाँच राशियों के जीवन में खुशियाँ और लाभ लेकर आएगी। मेहनत, धैर्य और संयम के बाद आज ये राशियाँ भाग्यशाली साबित होंगी।

1. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन खास रहेगा। पिछले समय की मेहनत रंग लाएगी और करियर में सफलता मिलने के योग हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियाँ बढ़ेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

शुभ संकेत: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी, लंबित कार्यों में सफलता, पारिवारिक सहयोग।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए आज नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी-व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव होंगे और पुराने विवादों का समाधान संभव है। मित्र और सहयोगी आपके लिए लाभकारी साबित होंगे।

शुभ संकेत: व्यापार में वृद्धि, नई परियोजनाओं में सफलता, मित्रों का सहयोग।

3. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों को आज आर्थिक लाभ मिलेगा। निवेश या पुराने धन की प्राप्ति आपके दिन को खुशहाल बनाएगी। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता संभव है।

शुभ संकेत: धनलाभ, संपत्ति में वृद्धि, पारिवारिक सुख।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन शिक्षा, करियर और स्वास्थ्य के मामलों में लाभकारी रहेगा। यात्रा या नए अवसर आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

शुभ संकेत: परीक्षा या करियर में सफलता, स्वास्थ्य में सुधार, नौकरी या यात्रा के नए अवसर।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों को आज सामाजिक और व्यावसायिक लाभ मिलेगा। दूरदराज़ से शुभ समाचार आ सकते हैं और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

शुभ संकेत: सामाजिक मान-सम्मान, लाभकारी यात्रा, मित्रों और सहयोगियों से सहयोग।

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: TMC और BJP की भिड़ंत, कौन मारेगा बाज़ी? सर्वे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की सियासी गर्मी अब से ही दिखाई देने लगी है। राज्य में वर्तमान में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता में है और पार्टी चौथे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है। वहीं भाजपा भी “मिशन बंगाल” के तहत हर जिले में चुनावी तैयारी कर रही है, जिससे मुकाबला काफी रोमांचक बनने वाला है।

प्रमुख राजनीतिक दावेदार

तृणमूल कांग्रेस (TMC):

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार भी 215 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रख रही हैं। पार्टी का जोर लोक-कल्याणकारी योजनाओं और महिला वोट बैंक पर है। पिछले तीन कार्यकालों की उपलब्धियों को आधार बनाकर TMC सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP):

भाजपा ने 1 मार्च 2026 से पूरे राज्य में ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का दावा है कि वह दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। सीमा सुरक्षा, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भाजपा ममता सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस और वाम दल:

कांग्रेस 2021 के खराब प्रदर्शन से उबरकर इस बार अकेले चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। वहीं CPI(M) भी दोनों बड़े दलों के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति में है।

मुख्य मुद्दे और चुनौतियां

एंटी-इंकंबेंसी की लहर: TMC को 15 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी प्रमुख एंटी-इंकंबेंसी मुद्दे बने हुए हैं।

उत्तर बंगाल की चुनौती: राज्य की 294 विधानसभा सीटों में उत्तर बंगाल की 54 सीटें भाजपा का मजबूत किला मानी जाती हैं। TMC के लिए इसे तोड़ना बड़ी चुनौती होगी।

चुनाव का फोकस

फिलहाल चुनाव मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच नजर आ रहा है। जहां ममता बनर्जी अपनी लोकप्रियता बनाए रखने और महिला वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी हैं, वहीं भाजपा अपनी चुनावी यात्रा के जरिए बड़े बदलाव की उम्मीद कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति में नए समीकरण तय करने वाला भी साबित होगा।

यूपी में कई शिक्षकों के दो-दो आईडी सक्रिय, मचा हड़कंप!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ मंडल में बेसिक शिक्षा विभाग में एक बड़ा मामला सामने आया है। मानव संपदा पोर्टल पर 42 शिक्षकों की दो-दो आईडी सक्रिय पाई गईं। जांच में पाया गया कि दोनों आईडी पर शिक्षक का नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि समान है। इनमें से 30 शिक्षक आजमगढ़, आठ बलिया और चार मऊ जिले में तैनात हैं।

विभाग की तत्काल कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक शिक्षा निदेशक ने सभी 42 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा सभी शिक्षकों को छह मार्च को नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए मूल दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि शिक्षकों की दोहरी आईडी की जांच की जा रही है और प्रत्येक शिक्षक के दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित की जाएगी।

सीतापुर में फर्जीवाड़ा पकड़ा

इसी बीच सीतापुर में भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। बीएसए ने 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया, जिनके टीईटी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। यह मामला 12,460 शिक्षक भर्ती से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2024 में लगभग 1,100 शिक्षकों को सहायक अध्यापक पद पर तैनात किया गया था। विभाग ने पहले चरण में करीब 500 शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हुआ। अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

आगे की क्या है योजना?

प्रदेश के सभी बीएसए और एडी बेसिक से मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। विभाग की मॉनीटरिंग टीम लगातार पोर्टल डेटा और शैक्षिक दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के दोहरे आईडी और फर्जीवाड़े को रोका जा सके।  इस प्रकार के मामले न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित करते हैं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए विभाग की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खुशखबरी है! यूपी में 4 नई भर्ती शुरू, युवाओं की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। राज्य और केंद्रीय संस्थानों ने 2026 के लिए नई भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल चार बड़े भर्ती कार्यक्रम शामिल हैं। इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. HURL भर्ती 2026

Hindustan Urvarak and Rasayan Limited (HURL) ने जूनियर इंजीनियर असिस्टेंट, ऑफिसर और अन्य पदों के लिए 40 रिक्तियां जारी की हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास B.Sc, Diploma, M.Sc, MBA/PGDM जैसी योग्यता होना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन 11 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं और 3 मार्च 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार HURL की आधिकारिक वेबसाइट hurl.net.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

2. BHU भर्ती 2026

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने फ्लटर डेवलपर, फुल स्टैक डेवलपर और अन्य तकनीकी पदों के लिए 3 रिक्तियां निकाली हैं। इसके लिए उम्मीदवारों के पास MCA, B.Tech, M.Com जैसी योग्यता आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 है। आवेदन BHU की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही किया जा सकता है।

3. Allahabad University भर्ती 2026

अलाहाबाद विश्वविद्यालय ने रिसर्च असिस्टेंट, फील्ड इन्वेस्टीगेटर और कैजुअल स्टाफ के 20 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास M.A की डिग्री होनी चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है और इच्छुक उम्मीदवार विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

4. SGPGIMS लखनऊ, भर्ती 2026

Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (SGPGIMS) ने 98 फैकल्टी पदों के लिए भर्ती शुरू की है। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों के पास DNB, MS/MD, M.Ch, DM की योग्यता होनी चाहिए। ऑफलाइन आवेदन 29 जनवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं और 28 फरवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार SGPGIMS की वेबसाइट sgpgims.org.in से आवेदन कर सकते हैं।

बिहार में 3 बड़ी खुशखबरी, युवाओं के लिए जॉब का बंपर मौका!

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार की बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य और केंद्रीय संस्थानों ने 2026 के लिए तीन नई भर्ती शुरू की हैं, जिनमें कुल 325 से अधिक पद शामिल हैं। इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार जल्दी से जल्दी आवेदन कर सकते हैं।

1 .HBCHRC मुजफ्फरपुर भर्ती 2026

Homi Bhabha Cancer Hospital & Research Centre, मुजफ्फरपुर ने मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के 30 पदों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया है। इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। वॉक-इन का आयोजन 17 मार्च 2026 को किया जाएगा। उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवश्यक दस्तावेज़ लेकर HBCHRC के कार्यालय में उपस्थित होंगे। अधिक जानकारी के लिए HBCHRC मुजफ्फरपुर वेबसाइट देखी जा सकती है।

2 .BTSC भर्ती 2026

बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन (BTSC) ने डेयरी फील्ड ऑफिसर और डेयरी टेक्निकल ऑफिसर के लिए 92 पद जारी किए हैं। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास B.Sc, B.Tech/B.E की योग्यता होना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू हुई और अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 है। इच्छुक उम्मीदवार BTSC की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

3 .बिहार पंचायती राज विभाग भर्ती 2026

बिहार पंचायती राज विभाग ने जिला ऑडिट ऑफिसर और वरिष्ठ ऑडिट ऑफिसर के 203 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार स्नातक या पोस्ट ग्रेजुएट होने चाहिए। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 रखी गई है। आवेदन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट Bihar Panchayati Raj Vibhag पर किया जा सकता है।

कल रवि पुष्य योग में सूर्य: 5 राशियों के लिए धन, सम्मान और सफलता के मौके

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कल रवि पुष्य योग बन रहा है। यह योग सूर्य के विशेष प्रभाव से बनता है और इसे शुभ, लाभकारी और ऊर्जा देने वाला माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन विशेष रूप से 5 राशियों के लिए धन, सम्मान और सफलता के अवसर बढ़ेंगे।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए कल का दिन खास रहेगा। सूर्य की कृपा से नए अवसर और आर्थिक लाभ मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। परिवार और सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव उनके करियर और व्यवसाय में मददगार साबित होगा। निवेश या व्यापार में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा और पारिवारिक वातावरण भी सुखद रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह दिन सम्मान और पदोन्नति के लिहाज से लाभकारी है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा और वरिष्ठों से तारीफ मिलने की संभावना है। धन लाभ के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातक इस दिन सृजनात्मक और व्यावसायिक प्रयासों में सफलता देखेंगे। पुराने विवाद समाप्त होंगे और नए काम में गति आएगी। वित्तीय मामलों में भी सुधार होगा।

5. मीन राशि

मीन राशि के लिए रवि पुष्य योग धन-संपत्ति और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत देता है। भाग्य का साथ मिलेगा और लंबित कार्य आसानी से पूरे होंगे।

ज्योतिषियों का कहना है कि रवि पुष्य योग का लाभ उठाने के लिए किए गए कार्य विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। इस दिन नई योजनाएं शुरू करना, निवेश करना और महत्वपूर्ण निर्णय लेना फायदेमंद रहेगा। इस योग के प्रभाव से इन 5 राशियों के जातक न केवल धन और सम्मान पाएंगे, बल्कि सफलता और उन्नति के मार्ग भी सुगम होंगे।

बिहार में किसानों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, चेक करें

पटना। बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की सरकारी अधिप्राप्ति शुरू होगी। इसके साथ ही दलहन और तेलहन की भी अधिप्राप्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनकी आमदनी बढ़ाना है।

MSP के तहत खरीदी

इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। गेहूं की खरीद केवल उन किसानों से की जाएगी, जिनका निबंधन कृषि विभाग के पोर्टल पर दर्ज है। वहीं, दलहन और तेलहन की खरीद भी MSP के आधार पर पैक्स, व्यापार मंडल और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से की जाएगी।

किसानों के लिए ऑनलाइन निबंधन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। जो किसान पिछले वर्ष निबंधित थे, उन्हें इस वर्ष फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यदि किसी किसान को भूमि विवरण या नामित सदस्य में बदलाव करना हो, तो वे पोर्टल पर जाकर संशोधन कर सकते हैं।

बिक्री की प्रक्रिया

किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंचायत स्तर पर स्थित पैक्स या प्रखंड स्तर के व्यापार मंडल में गेहूं, दलहन और तेलहन बेच सकते हैं। भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे किसानों को तत्काल लाभ मिल सके।

तैयारियों की समीक्षा

शुक्रवार को सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने अधिप्राप्ति की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। बैठक में गेहूं, चना, मसूर और सरसों/राई की अधिप्राप्ति, संभावित लक्ष्य, भंडारण क्षमता और क्रय केंद्रों की संख्या पर चर्चा की गई।

बैठक में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम (BSFC) के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार, FCI, नेफेड और NCCF के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। बिहार सरकार की इस पहल से राज्य के किसानों को सुरक्षित MSP, आसान बिक्री और समय पर भुगतान जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

बिहार सरकार का फैसला: 10 मार्च तक गैर-वेतन निकासी पर रोक

पटना। बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत से पहले राज्य में खर्च पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 10 मार्च तक केवल वेतन, पेंशन और संविदा कर्मियों के मानदेय जैसी स्थायी और अनिवार्य निकासी को ही अनुमति दी है। अन्य सभी प्रकार की निकासी और भुगतान पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

आदेश का मकसद

वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल के निर्देश के अनुसार, वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में कोषागारों में बड़ी संख्या में बिल जमा होते हैं, जिससे अचानक दबाव बढ़ता है और बजट प्रबंधन प्रभावित होता है। इस स्थिति से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।

10 मार्च तक केवल वेतन, पेंशन, सहायक अनुदान और संविदा कर्मियों के भुगतान से जुड़े दस्तावेज ही पारित किए जाएंगे। बाकी सभी बिलों की जांच और अनुमोदन बाद में किया जाएगा। यह निर्णय बजट का संतुलित और नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी और कोषागार अधिकारी इस आदेश का पालन सुनिश्चित करेंगे। सरकार ने कहा है कि बजट की उपलब्ध राशि का उपयोग केवल निर्धारित नियमों के तहत ही होना चाहिए।

विभागों और ठेकेदारों पर असर

इस आदेश से कई विभागों और ठेकेदारों के बिल फिलहाल रोक दिए गए हैं। शिक्षा, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, पंचायती राज और भवन निर्माण जैसे कई विभागों के बिल ट्रेजरी में जमा हैं, लेकिन भुगतान 10 मार्च तक नहीं किया जाएगा। इसका असर ठेकेदारों और सप्लायरों की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता

सरकार का उद्देश्य है कि वित्तीय वर्ष के अंत में अनियंत्रित व्यय को रोका जाए और सभी भुगतान पारदर्शी तरीके से हों। 10 मार्च के बाद स्थिति की समीक्षा के बाद ही अन्य भुगतान प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। यह कदम राज्य में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और सभी सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार में 10वीं पास के लिए बंपर भर्ती, इंटरव्यू से नौकरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी की तलाश कर रहे 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Homi Bhabha Cancer Hospital and Research Centre (HBCHRC), Muzaffarpur ने 30 Multi-Tasking Staff (MTS) के पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

पद और विवरण

पोस्ट नाम: Multi-Tasking Staff (MTS)

पद संख्या: 30

वेतन: ₹17,524/- मासिक (ग्रॉस)

आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को वॉक-इन इंटरव्यू में भाग लेना होगा। इंटरव्यू की तिथि 17 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार Homi Bhabha Cancer Hospital, Muzaffarpur की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और वॉक-इन के लिए तैयारी कर सकते हैं।

उम्मीदवारों की पात्रता

आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास 10वीं कक्षा की डिग्री होनी चाहिए। किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।

उम्मीदवारों के लिए टिप्स

वॉक-इन इंटरव्यू में भाग लेने से पहले सभी दस्तावेज़ तैयार रखें, जैसे 10वीं पास प्रमाणपत्र और अंक पत्र, पहचान पत्र,  पासपोर्ट साइज फोटो अन्य अनुभव या योग्यता प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो सीधे इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी पाना चाहते हैं। Homi Bhabha Cancer Hospital, Muzaffarpur में चयनित उम्मीदवारों को स्थिर वेतन और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अनुभव का लाभ मिलेगा।

होली पर किसानों को खुशखबरी, योगी सरकार ने दिया खास गिफ्ट!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए होली के मौके पर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक यंत्र उपलब्ध कराने के लिए योजना शुरू की है, ताकि खेतों के काम में आसानी हो और फसल उत्पादन बढ़ सके।

योजना का विवरण

इस पहल के तहत किसानों को फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र और अन्य एकल कृषि यंत्र दिए जाएंगे। साथ ही, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत बैच ड्रायर और मेज सेलर जैसे उपकरण भी किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। यह योजना सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन और अन्य संबंधित कार्यक्रमों के अंतर्गत लागू की गई है।

आवेदन की प्रक्रिया

किसान इस योजना में शामिल होने के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट के “किसान कॉर्नर” सेक्शन में जाकर यंत्र बुकिंग प्रारंभ पर क्लिक कर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि 4 मार्च 2026 है। लाभार्थियों का चयन होने के बाद यंत्र खरीदने के 10 दिन के भीतर खरीद रसीद और यंत्र की फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया upyantratraking.in  या विभाग की वेबसाइट पर पूरी की जा सकती है।

किसानों को क्या लाभ होगा

इस योजना के तहत मिलने वाले यंत्र किसानों को खेत में समय और मेहनत की बचत में मदद करेंगे। आधुनिक यंत्रों से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और खेती के कामकाज में दक्षता बढ़ेगी। योगी सरकार की यह पहल किसानों के लिए होली का विशेष उपहार साबित होगी, जिससे कृषि कार्य में सुधार और उत्पादन में बढ़ोतरी संभव होगी।