अमेरिका बना रहेगा नंबर वन
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा, जिसकी अनुमानित GDP लगभग 31.8 ट्रिलियन डॉलर है। अमेरिका का आर्थिक दबदबा सिर्फ बड़े शहरों या टेक्नोलॉजी में नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय नेटवर्क और मजबूत उपभोक्ता बाजार में भी दिखाई देता है।
चीन दूसरे स्थान पर है मौजूद
चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में कायम रहेगा। लगभग 20.6 ट्रिलियन डॉलर की GDP के साथ चीन वैश्विक निर्माण और निर्यात में अग्रणी है। हालांकि आर्थिक वृद्धि की गति कुछ धीमी हो रही है, लेकिन यह देश अभी भी दुनिया के व्यापार नेटवर्क में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जर्मनी: यूरोप का आर्थिक इंजन
5.33 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ जर्मनी तीसरे स्थान पर है। यह न सिर्फ यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, बल्कि ऑटोमोबाइल, मशीनरी और हाई-एंड इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में भी इसकी मजबूत पकड़ है। कुशल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और टेक्नोलॉजी आधारित इंडस्ट्री जर्मनी को स्थिर बनाए हुए हैं।
भारत की ऐतिहासिक छलांग
2026 में भारत के 4.51 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है। यह पहली बार होगा जब भारत जापान को पीछे छोड़ देगा। तेजी से बढ़ता घरेलू बाजार, मजबूत सर्विस सेक्टर, डिजिटल इकॉनमी और मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ता फोकस भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाता है।
जापान फिसला पांचवें स्थान पर
लगभग 4.46 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ जापान पांचवें स्थान पर रहने का अनुमान है। टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल इनोवेशन के बावजूद बुजुर्ग होती आबादी और कम घरेलू मांग जापान की विकास गति को प्रभावित कर रही है।
ब्रिटेन और फ्रांस की स्थिर मौजूदगी
यूनाइटेड किंगडम करीब 4.23 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ छठे स्थान पर है। फाइनेंशियल सर्विसेज, ट्रेड और टूरिज्म इसकी अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। वहीं 3.56 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ फ्रांस सातवें स्थान पर है, जहां टूरिज्म, लक्ज़री ब्रांड्स और मजबूत सामाजिक ढांचा अर्थव्यवस्था को सहारा देता है।
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