विधानसभा में गूंजा डिग्री कॉलेज का मुद्दा
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज नहीं होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। केसरिया की विधायक शालिनी मिश्रा ने सरकार की घोषित नीति का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन पूर्वी चंपारण के केसरिया और संग्रामपुर प्रखंड अब भी इस सुविधा से वंचित हैं।
इसी तरह कल्याणपुर के विधायक सचीन्द्र प्रसाद सिंह ने भी शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर और कोटवा प्रखंड में एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है।
अन्य जिलों की भी उठी मांग
रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा क्षेत्र का मुद्दा भी सदन में उठा। विधायक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में फिलहाल कोई सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
वहीं भागलपुर जिले के नाथनगर विधायक मिथुन कुमार ने जगदीशपुर प्रखंड में डिग्री कॉलेज की कमी की ओर सरकार का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान के अभाव में स्थानीय छात्रों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या फिर दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है।
सरकार का जवाब: चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि 213 जगहों पर नए डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्राथमिकता उन प्रखंडों को दी जाएगी, जहां अब तक कोई सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है।
यदि यह योजना जमीन पर उतरती है, तो इससे ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों को अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इससे न सिर्फ नामांकन दर बढ़ेगी, बल्कि उच्च शिक्षा के लिए होने वाले पलायन में भी कमी आएगी।

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