बिहार में बनेंगे कई नए एयरपोर्ट, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया के बाद अब राज्य के कई अन्य शहरों को भी विमान सेवा से जोड़ने की तैयारी चल रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य सरकार ने हवाई संपर्क बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया है, जिससे कई जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

छोटे शहरों से शुरू होंगी विमान सेवाएं

सरकार की योजना के तहत मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर, वीरपुर, मुंगेर, मोतिहारी, छपरा, मधुबनी और वाल्मीकिनगर जैसे शहरों से छोटे विमानों की उड़ानें शुरू की जाएंगी। इसके अलावा बेगूसराय और गोपालगंज में पुराने हवाई अड्डों को दोबारा चालू करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि इन शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पुराने एयरपोर्ट दोबारा होगा सक्रिय

नीतीश सरकार ने बेगूसराय के उलाव हवाई अड्डा और गोपालगंज के सबेया सैन्य हवाई अड्डा को पुनः चालू करने के लिए पूर्व व्यवहार्यता अध्ययन को मंजूरी दे दी है। इसके लिए बजट में 81 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम राज्य के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के लिए भी अहम माना जा रहा है।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर खास जोर

बिहार सरकार राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित कर रही है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 931 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिस पर करीब 472 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। वहीं सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर 1302 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।

अलग सिविल विमानन विभाग से मिली गति

हवाई सेवाओं के बेहतर संचालन और विस्तार के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में अलग सिविल विमानन विभाग का गठन किया है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और केंद्र सरकार के साथ समन्वय भी बेहतर हुआ है। बिहार में हवाई नेटवर्क के इस व्यापक विस्तार से राज्य के दूर-दराज के इलाकों को नई कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।

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