बिजली आपूर्ति में बड़ी तैयारी
बजट में कहा गया कि बिहार में बिजली खपत लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2015 में प्रति व्यक्ति बिजली खपत 203 यूनिट थी, जो 2025 तक बढ़कर 374 यूनिट हो गई है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में राज्य की पीक बिजली मांग 9600 मेगावॉट से अधिक हो सकती है।
इस मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने पहले ही 8700 मेगावॉट से ज्यादा की बिजली आपूर्ति क्षमता तैयार कर ली है। इसके साथ ही नए बजट में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना शामिल की गई है। जिससे लोगों को बेहतर बिजली मिलेगी।
ग्रामीण इलाकों को मिलेगा फायदा
इस पहल का सीधा असर बिहार के ग्रामीण इलाकों में होगा। अब छोटे और बड़े गांवों में भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध होगी, जिससे ग्रामीण उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और घरेलू जीवन में सुधार आएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर बिजली आपूर्ति से कृषि, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। यह कदम ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सड़क और पुल परियोजनाओं पर जोर
बजट में राज्य की सड़क और पुल परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। नई सड़कें, फ्लाईओवर और पुल राज्य के हर जिले को जोड़ेंगे और ग्रामीण क्षेत्र से शहरी केंद्रों तक कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सड़क जहां होगी, विकास वहीं होगा, और इस योजना के जरिए बिहार की तस्वीर बदलने की तैयारी की जा रही है।
बजट में किए गए ये एलान यह दर्शाते हैं कि बिहार सरकार ग्रामीण क्षेत्र में जीवन स्तर सुधारने और राज्य को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए गंभीर है।

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