जानकारों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के कामकाज की स्पष्ट रूपरेखा और समयबद्ध निर्णय केंद्रीय कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण साबित होंगे। आयोग की सिफारिशें आने वाले महीनों में लागू होने की संभावना है, जिससे लाखों कर्मचारियों की आय और पेंशन संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
आयोग की यात्रा – तारीख दर तारीख
15 जनवरी 2025: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही कर्मचारियों के वेतन सुधार की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया गया।
28 अक्टूबर 2025: आयोग के गठन को लेकर पुनः एक औपचारिक ऐलान किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आयोग जल्द ही अपने कामकाज की शुरुआत करेगा।
3 नवंबर 2025: आयोग के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी किए गए। इसमें स्पष्ट किया गया कि आयोग कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन, महंगाई भत्ता और अन्य लाभों का मूल्यांकन करेगा। यह दस्तावेज़ आयोग की कार्यप्रणाली और समयसीमा के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करता है।
20 जनवरी 2026: आयोग को कार्यस्थल के रूप में अपना आधिकारिक ऑफिस मिला। यह कदम आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने और कर्मचारियों के मुद्दों पर समय पर विचार करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
28 जनवरी 2026: चीफ विजिलेंस अधिकारी की नियुक्ति की गई, ताकि आयोग की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
1 फरवरी 2026: आयोग के संचालन के लिए 23.42 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया। यह राशि आयोग के कर्मचारियों, अनुसंधान, बैठकों और रिपोर्ट तैयार करने जैसे खर्चों के लिए निर्धारित की गई है।

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