चार जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह फोरलेन सड़क गोपालगंज, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), शिवहर और सीतामढ़ी जिलों से होकर गुजरेगी। परियोजना के तहत सीतामढ़ी जिले के 35 गांव इस मार्ग से सीधे जुड़ जाएंगे। इनमें सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र के अलावा परसौनी, रीगा, बथनाहा, परिहार और सुरसंड प्रखंड के कई गांव शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इससे जुड़ी गांवों की सूची जारी कर दी है।
240 किलोमीटर लंबा होगा ये सड़क
जानकारी के अनुसार, यह फोरलेन सड़क करीब 240 किलोमीटर लंबी होगी। मार्ग की शुरुआत उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा के पास मेहरौना घाट से होगी और यह सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी से होते हुए भिट्ठामोड़ (नेपाल सीमा) तक पहुंचेगी। सीतामढ़ी से भिट्ठामोड़ के बीच एनएच-27ए और एनएच-227 के हिस्सों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
निर्माण की तैयारी पूरी, जल्द शुरू होगा काम
फिलहाल सड़क के एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है। अब डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का जिम्मा थीम इंजीनियरिंग कंसलटेंट को सौंपा गया है। उम्मीद है कि इसी वर्ष निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी जाएगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, विकास को नई रफ्तार
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें मां जानकी की प्रकाट्यस्थली पुनौरा धाम भी शामिल है, जहां भव्य मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क बन जाने के बाद अयोध्या, पुनौरा धाम, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और जनकपुर के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। इस पथ के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।

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