1. स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूती
पटना में पीएमसीएच में पहले चरण में 1,100 बेड तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा पूर्णियां, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण के बाद 10 अन्य जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
2. शिक्षा में सुधार और मॉडल स्कूल
राज्य के हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
3. कौशल विकास पर जोर
हर कमिश्नरी में हब एंड स्पोक मॉडल के तहत मेगा स्किल सेंटर बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि अब बिहार में रोजगार के लिए केवल डिग्री नहीं बल्कि कौशल पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे युवा बेहतर रोजगार पा सकेंगे।
4. उद्योग क्षेत्र का सशक्तिकरण
समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू किया जाएगा। इससे न केवल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
5. डिफेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर का विस्तार
राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी का निर्माण किया जाएगा। यह कदम बिहार को उद्योग और तकनीक के क्षेत्र में विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में अहम है।
6. समावेशी और दीर्घकालिक विकास का लक्ष्य
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने बजट में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समावेशी विकास है। इसके तहत निजी निवेश को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा और 50 करोड़ रुपये तक के निजी निवेश को उद्योग क्षेत्र में आकर्षित करने की योजना बनाई गई है।
बजट की ये घोषणाएं बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार के क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें जगाती हैं। राज्य सरकार का यह मास्टर प्लान आम जनता की भलाई और बिहार के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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