बिहार में महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान, सरकार ने दी खुशखबरी!

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के प्रत्येक प्रखंड में जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण हाट का निर्माण किया जाएगा। इन हाटों में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें स्थायी और संगठित बाजार मिल सकेगा।

सरकारी स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण हाट का निर्माण आधुनिक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स की तर्ज पर किया जाएगा। इसमें दुकानें, शेड और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थित और सुविधाजनक बाजार व्यवस्था विकसित की जा सके।

राज्य स्तर पर तैयार हो रहा डिजाइन

ग्रामीण हाट के निर्माण को लेकर राज्य स्तर पर एक समान डिजाइन और मॉडल स्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होते ही जिलों को निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी जाएगी। योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण हाट का निर्माण कम से कम 20 डिसमिल सार्वजनिक और अतिक्रमण मुक्त भूमि पर किया जाएगा, जिससे पर्याप्त जगह के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकें।

महिलाओं को मिलेगा सीधा बाजार

ग्रामीण हाट में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए अलग-अलग स्टोर बनाए जाएंगे। यहां महिलाएं अपने हाथों से बनाए गए उत्पाद जैसे हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री, वस्त्र, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य स्थानीय उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेंगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा।

लाखों महिलाओं को होगा लाभ

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले में अब तक चार लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। ग्रामीण हाट के निर्माण से इन महिलाओं को स्थायी बिक्री मंच मिलेगा, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान

ग्रामीण हाट में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल महिलाओं को बल्कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी बेहतर और सुरक्षित खरीदारी का माहौल मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे ग्रामीण बाजार व्यवस्था अधिक संगठित और पारदर्शी बनेगी।

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