पहले 10 लाख घरों को लाभ
सरकार ने योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 10 लाख घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर भी कुल 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता वाले रूफटॉप प्लांट लगाए जाएंगे।
बिजली की सहज और सुरक्षित आपूर्ति
आज बिहार में ग्रामीण और शहरी इलाकों में 22-24 घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में कवर्ड तार लगाए गए हैं और पटना जैसे शहरों में भूमिगत तार बिछाए जा रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा कम हुआ है। मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग के कारण बिल में गड़बड़ियों को भी काफी हद तक कम किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुमान है कि राज्य की बिजली खपत 9600 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
मुफ्त सोलर प्लांट से होगा दोगुना फायदा
सरकार का उद्देश्य न केवल बिजली की उपलब्धता बढ़ाना है, बल्कि गरीब परिवारों को सौर ऊर्जा के माध्यम से आर्थिक राहत देना भी है। यह पहल उन्हें बिजली के बिल में बचत और स्थायी ऊर्जा का विकल्प दोनों प्रदान करेगी। बिहार सरकार बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में समग्र और दीर्घकालिक योजना के तहत काम कर रही है, जिससे राज्य के हर नागरिक को लाभ मिल सके।

0 comments:
Post a Comment