नीतीश सरकार ने खोला खजाना, बिहारवासियों के लिए खुशखबरी

पटना। नीतीश कुमार सरकार ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बिहार को “विकसित राज्य” बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट सदन में रखते हुए इसे समावेशी विकास का दस्तावेज बताया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बड़ा है और सरकार का दावा है कि इसकी योजनाएं महिला, युवा, किसान और गरीब, सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।

बुनियादी ढांचे को विकास की रीढ़

इस बजट में सबसे अधिक जोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया है। सरकार का कहना है कि सड़क, पुल, बिजली और शहरी सुविधाएं विकास की आधारशिला हैं। बीते एक दशक में किए गए निवेश का असर अब दिखने लगा है और नए बजट में इसी गति को और तेज करने का लक्ष्य तय किया गया है।

सड़क नेटवर्क में विस्तार

बजट दस्तावेज बताते हैं कि वर्ष 2015-16 में बिहार में ग्रामीण सड़कों की लंबाई लगभग 64 हजार किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 1.19 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुकी है। सड़क घनत्व के मामले में बिहार अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। नए बजट में ग्रामीण और शहरी सड़कों के चौड़ीकरण, मरम्मत और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत तैयारी

बिजली आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक तस्वीर पेश की है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली मांग को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति क्षमता पहले ही तैयार की जा चुकी है। बजट में ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना शामिल है, ताकि गांव-गांव तक निर्बाध बिजली पहुंच सके।

हजारों किलोमीटर नई सड़कें

मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और ग्रामीण सड़क उन्नयन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इसके तहत हजारों किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी और पुरानी सड़कों को आधुनिक मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

पुल, फ्लाईओवर और बाईपास

बजट में पुल निर्माण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। गंगा, कोसी, गंडक और सोन जैसी प्रमुख नदियों पर नए पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को गति देने की योजना है। इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

शहरों के विकास का रोडमैप

शहरी विकास इस बजट का अहम हिस्सा है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में पेयजल, सीवरेज, कचरा प्रबंधन और सड़क नेटवर्क को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। पटना मेट्रो परियोजना पर तेजी से काम जारी है और तय समयसीमा में संचालन शुरू करने का लक्ष्य दोहराया गया है।

युवाओं के लिए रोजगार और निवेश

बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर भी विशेष फोकस है। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए रोडमैप पेश किया गया है, जिससे बड़े पैमाने पर निजी निवेश और नई नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा

महिला सशक्तिकरण को इस बजट में खास स्थान दिया गया है। सरकार के अनुसार अब तक करोड़ों महिलाएं विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो चुकी हैं। वित्तीय सहायता, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाएं

किसानों के लिए चौथे कृषि रोडमैप को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है, जिसमें सिंचाई, उत्पादन, भंडारण और बाजार तक पहुंच पर जोर है। वहीं गरीब परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास से जुड़ी योजनाओं को और सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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