मौजूदा प्रणाली और इसकी सीमा
भारतीय नौसेना वर्तमान में Barak-8 परिवार की मिसाइलों का उपयोग करती है, जिनकी मारक क्षमता लगभग 100 किमी तक है। ये मिसाइलें विध्वंसक पोत, फ्रिगेट और विमानवाहक पोत पर तैनात हैं और क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा का मुख्य आधार हैं। हालांकि, बढ़ते आधुनिक हवाई खतरों को ध्यान में रखते हुए, ER संस्करण लंबी दूरी तक हवाई खतरों का पहले ही इंटरसेप्शन सुनिश्चित करता है।
Barak-8 ER की तकनीकी विशेषताएँ
Barak-8 ER को मौजूदा संस्करण से उन्नत बनाते हुए इसमें बड़ा ड्यूल-पल्स रॉकेट मोटर और अतिरिक्त बूस्टर स्टेज जोड़ा गया है। इससे मिसाइल की रेंज और गति में वृद्धि होती है और यह स्टील्थ विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को 150 किमी दूर से ही निष्क्रिय कर सकती है। ER संस्करण का उद्देश्य केवल हमला रोकना नहीं, बल्कि कैरियर बैटल ग्रुप और टास्क फोर्स के लिए एक मजबूत सुरक्षात्मक घेरे का निर्माण करना भी है।
संयुक्त विकास और स्वदेशी सुधार
Barak-8 कार्यक्रम भारत की DRDO और इजराइल की IAI के लंबे समय से चल रहे सहयोग का परिणाम है। इस साझेदारी के तहत MRSAM (वायु सेना के लिए) और LRSAM (नौसेना के लिए) विकसित किए गए थे। ER संस्करण को मौजूदा वर्टिकल लॉन्च सिस्टम के साथ संगत रखने के लिए इसे अतिरिक्त बूस्टर के साथ अपडेट किया गया है, जिससे जहाजों में बड़े संरचनात्मक बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या होंगे इसके रणनीतिक महत्व?
150 किमी रेंज वाली Barak-8 ER मिसाइल के साथ, भारतीय नौसेना को अब दुश्मन के हवाई हमलों का पता चलने के साथ ही उन्हें प्रभावी रूप से रोकने का अवसर मिलेगा। यह प्रणाली न केवल जहाजों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि नौसेना की सामरिक स्वतंत्रता को भी सुदृढ़ करेगी।

0 comments:
Post a Comment