योजना का मकसद:
कन्या सुमंगला योजना का लक्ष्य बेटियों को बोझ समझने वाले मानसिक दृष्टिकोण को बदलना और उनके पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों में मदद करना है। यह विशेष रूप से गरीब परिवारों के लिए सहारा साबित होगी।
छह चरणों में वितरण:
बेटी के जन्म पर पहली किस्त।
टीकाकरण पूरा होने पर दूसरी किस्त।
पहली कक्षा में प्रवेश के समय तीसरी किस्त।
मिडिल स्कूल की शुरुआत पर चौथी किस्त।
हाई स्कूल में दाखिले पर पांचवीं किस्त।
कॉलेज या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर अंतिम और बड़ी किस्त।
इस योजना की पात्रता शर्तें:
लाभार्थी परिवार का उत्तर प्रदेश में स्थायी निवास होना अनिवार्य। परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को दिया जाएगा, जुड़वा बेटियों के मामले में तीसरी भी पात्र मानी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया और ऑनलाइन:
फॉर्म भरने के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन कर आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन पूरा माना जाएगा।

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