कार्ययोजना और विकास:
पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में कहा कि राज्य में मौजूद पौराणिक शिव मंदिरों तक पहुँच को दुरुस्त करने के लिए सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इसके लिए आवश्यकतानुसार नए मार्गों का निर्माण किया जाएगा और सभी मंदिरों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने विधायकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएँ। इन सूचनाओं के आधार पर टीम बनाकर समीक्षा बैठक की जाएगी।
पर्यटन मंत्री का बयान:
विधान परिषद में पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि राज्य के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की सूची तैयार करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। योजना के अनुसार शिव सर्किट में शामिल किए जाने वाले मंदिरों का चयन स्थानी लोकप्रियता और धार्मिक महत्व के आधार पर किया जाएगा।
शिव सर्किट में शामिल प्रमुख मंदिर:
इस सर्किट में बिहार के कई प्रमुख और सुप्रसिद्ध मंदिर शामिल किए जाएंगे, जैसे: मुजफ्फरपुर का गरीबनाथ मंदिर, सोनपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, मधुबनी के उगना महादेव मंदिर, भागलपुर का सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, गयाजी के बैजूधाम मंदिर, हाजीपुर का पतालेश्वर महादेव मंदिर, रहिका का कपिलेश्वर मंदिर।
इसके अलावा लखीसराय, दरभंगा, मधेपुरा, शिवहर, बक्सर और पटना समेत राज्य के अन्य जिलों के प्रमुख शिव मंदिर भी इस सर्किट में शामिल होंगे। बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के तहत 61 शिवालय पहले से ही चिन्हित हैं, जिन्हें इस योजना में समायोजित किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:
शिव सर्किट बनने के बाद राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। श्रद्धालु मंदिरों का दौरा सुगम तरीके से कर पाएंगे और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही सड़क और पथ व्यवस्था में सुधार से यात्रा का समय और कठिनाइयाँ कम होंगी।

0 comments:
Post a Comment