विभाग की तत्काल कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक शिक्षा निदेशक ने सभी 42 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा सभी शिक्षकों को छह मार्च को नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए मूल दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि शिक्षकों की दोहरी आईडी की जांच की जा रही है और प्रत्येक शिक्षक के दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित की जाएगी।
सीतापुर में फर्जीवाड़ा पकड़ा
इसी बीच सीतापुर में भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आई। बीएसए ने 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया, जिनके टीईटी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए। यह मामला 12,460 शिक्षक भर्ती से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2024 में लगभग 1,100 शिक्षकों को सहायक अध्यापक पद पर तैनात किया गया था। विभाग ने पहले चरण में करीब 500 शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन किया था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हुआ। अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
आगे की क्या है योजना?
प्रदेश के सभी बीएसए और एडी बेसिक से मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। विभाग की मॉनीटरिंग टीम लगातार पोर्टल डेटा और शैक्षिक दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के दोहरे आईडी और फर्जीवाड़े को रोका जा सके। इस प्रकार के मामले न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित करते हैं, बल्कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए विभाग की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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