बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: TMC और BJP की भिड़ंत, कौन मारेगा बाज़ी? सर्वे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की सियासी गर्मी अब से ही दिखाई देने लगी है। राज्य में वर्तमान में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता में है और पार्टी चौथे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है। वहीं भाजपा भी “मिशन बंगाल” के तहत हर जिले में चुनावी तैयारी कर रही है, जिससे मुकाबला काफी रोमांचक बनने वाला है।

प्रमुख राजनीतिक दावेदार

तृणमूल कांग्रेस (TMC):

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार भी 215 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रख रही हैं। पार्टी का जोर लोक-कल्याणकारी योजनाओं और महिला वोट बैंक पर है। पिछले तीन कार्यकालों की उपलब्धियों को आधार बनाकर TMC सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP):

भाजपा ने 1 मार्च 2026 से पूरे राज्य में ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का दावा है कि वह दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। सीमा सुरक्षा, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भाजपा ममता सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस और वाम दल:

कांग्रेस 2021 के खराब प्रदर्शन से उबरकर इस बार अकेले चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। वहीं CPI(M) भी दोनों बड़े दलों के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति में है।

मुख्य मुद्दे और चुनौतियां

एंटी-इंकंबेंसी की लहर: TMC को 15 साल के शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी प्रमुख एंटी-इंकंबेंसी मुद्दे बने हुए हैं।

उत्तर बंगाल की चुनौती: राज्य की 294 विधानसभा सीटों में उत्तर बंगाल की 54 सीटें भाजपा का मजबूत किला मानी जाती हैं। TMC के लिए इसे तोड़ना बड़ी चुनौती होगी।

चुनाव का फोकस

फिलहाल चुनाव मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच नजर आ रहा है। जहां ममता बनर्जी अपनी लोकप्रियता बनाए रखने और महिला वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी हैं, वहीं भाजपा अपनी चुनावी यात्रा के जरिए बड़े बदलाव की उम्मीद कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति में नए समीकरण तय करने वाला भी साबित होगा।

0 comments:

Post a Comment