बिहार के सरकारी स्कूलों में बदलाव: छात्रों और शिक्षकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा और प्रशासनिक सुधार की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक विद्यालयों में पुराने वेतनमान वाले स्नातक ग्रेड और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्त शिक्षकों के तबादलों पर सरकार विचार कर रही है।

मंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में करीब ढाई लाख शिक्षकों का तबादला किया गया है, जिसमें लगभग 75-80 प्रतिशत शिक्षक अपनी नई पोस्ट से संतुष्ट हैं। भविष्य में जिलों के भीतर शिक्षक तबादलों के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी, जो छात्रों की संख्या और रिक्त पदों के आधार पर निर्णय लेगी। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और संतुलन बनाए रखा जा सके।

आकस्मिक अवकाश में सुधार

सरकारी स्कूलों में आकस्मिक अवकाश की गणना में पाई गई विसंगतियों को दूर करने का भी आश्वासन दिया गया है। अब रविवार या अन्य छुट्टियों के बीच आने वाले अवकाशों को भी सही तरीके से गिना जाएगा। इसके अलावा, आवासीय स्कूलों में अवकाश की स्वीकृति का अधिकार प्रधानाचार्य को देने पर भी विचार किया जा रहा है।

स्कूलों में सफाई व्यवस्था होगी बेहतर

सरकारी स्कूलों में सफाई एजेंसियों की मॉनीटरिंग को मजबूत करने का भी आश्वासन मिला है। शिकायत मिलने पर कई जिलों में एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब भविष्य में एजेंसियों का चयन सीधे विभाग द्वारा करने पर विचार किया जा रहा है।

संस्कृत और मदरसा शिक्षकों को वेतन

शिक्षा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के कर्मियों के पंचम एवं षष्ठम वेतन पुनरीक्षण की लंबित राशि का भुगतान मार्च 2026 तक करने की कोशिश होगी। मदरसा विद्यालयों के लिए लगभग 571 करोड़ और संस्कृत स्कूलों के लिए 411 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पोषण वाटिका योजना से बच्चों को ताजी सब्जियां

स्कूलों के मिड-डे मील में ताजी सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पोषण वाटिका योजना लागू की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में कमेटी बनाई जाएगी, जो योजना को जमीन पर उतारेगी। इससे न केवल बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि उनका प्रकृति से जुड़ाव भी बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि ये सभी कदम छात्रों और शिक्षकों दोनों के हित में उठाए जा रहे हैं।

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