भारत के लिए बड़ा मौका, ट्रंप की बढ़ी टेंशन, रूस खुश!

नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने भारत की ऊर्जा रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से तेल आयात पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया। इस फैसले के बाद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रख सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बना सकता है।

रूस से तेल आयात में राहत

विश्लेषकों का कहना है कि भारत संभवतः रूस से तेल की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाएगा। फरवरी 2026 तक रोजाना 11.6 लाख बैरल रूसी तेल भारत में पहुंचा, जो पिछले साल के औसत 17.1 लाख बैरल से कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल और मई की डिलीवरी पर अभी अनुमान लगाना जल्दी होगा, लेकिन कोर्ट के फैसले से भारतीय रिफाइनर आयात जारी रख पाएंगे।

ट्रंप के टैरिफ का असर खत्म

पिछले साल अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल आयात करने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। इसके कारण भारतीय निर्यात पर कुल 50% टैरिफ प्रभावी हो गया था। लेकिन अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इसे गैरकानूनी करार दिया, जिससे भारत के लिए रूसी तेल खरीद पर प्रतिबंध का खतरा घट गया।

भारत की रणनीति और स्वतंत्रता

जानकारों का कहना है कि भारत की ऊर्जा नीति हमेशा कीमत और स्रोत विविधता पर निर्भर रही है। भारत अब 8–10 लाख बैरल प्रति दिन के स्तर पर रूस से तेल आयात बनाए रख सकता है। इस कदम से न केवल घरेलू ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि वैश्विक मार्केट में भारत की स्थिर स्थिति भी बनी रहेगी।

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