74 किलोमीटर लंबा होगा यह लिंक एक्सप्रेस-वे मार्ग
यह प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे लगभग 74 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर के आठ गांवों और बुलंदशहर जिले के 48 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि सहमति के आधार पर अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मार्च तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा सके।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मिलेगा बड़ा लाभ
जेवर में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह मार्ग बेहद अहम माना जा रहा है। यह सड़क बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी और यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र से होकर गुजरेगी। आगे चलकर यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात और आसान होगा।
छह लेन से आठ लेन तक विस्तार की संभावना
इस लिंक एक्सप्रेस-वे को शुरुआत में छह लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है। वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी। मार्ग के लगभग 20 किलोमीटर हिस्से का निर्माण यीडा क्षेत्र में होगा, जिसमें करीब नौ किलोमीटर लंबा एलीवेटेड सेक्शन भी शामिल रहेगा। स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए 24 मीटर चौड़ी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
स्याना क्षेत्र में इस एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी काम शुरू हो चुका है। यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क और खिलौना सिटी जैसी परियोजनाओं को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी
इस मार्ग के तैयार होने के बाद मेरठ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के बीच यातायात दबाव भी कम होगा।

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