HPV टीकाकरण की महत्वता
भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। ग्लोबोकैन 2022 के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 1 लाख 20 हजार से अधिक नए मामले सामने आते हैं, और लगभग 80 हजार महिलाएं इस बीमारी से मृत्यु को प्राप्त होती हैं। सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले हाई-रिस्क HPV संक्रमण के कारण होते हैं, खासकर HPV टाइप 16 और 18 के कारण, जो भारत में लगभग 80% मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
चिंता की बात यह है कि यह कैंसर बहुत धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि समय पर टीकाकरण और जांच से इसे रोका जा सकता है। यही कारण है कि पीएम मोदी की सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 14 साल की बालिकाओं के लिए HPV टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
इस HPV टीकाकरण कार्यक्रम को पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है और यह सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होगा। इस कार्यक्रम में हर साल लगभग 1.15 करोड़ बालिकाओं को लक्षित किया जाएगा। टीकाकरण के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है, जैसे कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला व जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज। टीकाकरण स्वैच्छिक होगा, लेकिन इसे केवल अभिभावकों की सहमति के बाद ही दिया जाएगा।
इस अभियान में क्वाड्रिवैलेंट HPV वैक्सीनेशन - Gardasil का उपयोग किया जाएगा, जो दुनिया की सबसे ज्यादा शोधित और सुरक्षित वैक्सीनेशन में से एक है। अब तक 2006 से लेकर अब तक इस वैक्सीन की 50 करोड़ से अधिक डोज़ दी जा चुकी हैं, और यह HPV के उन प्रकारों के खिलाफ लगभग 100% प्रभावी पाई गई है, जिनका यह कवर करती है।
मिशन मोड में अभियान की शुरुआत
यह अभियान पहले तीन महीनों तक मिशन मोड में चलेगा, जिसमें हर दिन निर्धारित केंद्रों पर टीकाकरण होगा। इसके बाद यह कार्यक्रम एक नियमित टीकाकरण योजना का हिस्सा बन जाएगा, ताकि हर योग्य बालिका को समय पर टीका मिल सके और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सके। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी बच्ची टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

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