लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे की यह परियोजना न केवल यात्रा समय घटाएगी बल्कि इन जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान करेगी। ट्रैफिक की समस्या कम होने के साथ-साथ इस मार्ग से परिवहन और कारोबार की रफ्तार भी बढ़ेगी।
काम की वर्तमान स्थिति
निर्माण कार्य के दौरान मार्ग पर गुजर रही ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करना सबसे बड़ी चुनौती रही। स्कूटर इंडिया चौराहा गौरी के ऊपर से गुजरने वाली लाइन के कारण कई महीनों तक काम धीमा रहा। हालांकि, संबंधित विभागों और तकनीकी स्वीकृतियों के बाद अब निर्माण कार्य अंतिम रूप ले रहा है।
कार्यदायी संस्था पीएनसी ने सड़क के डामरीकरण, मार्ग प्रकाश, दिशा संकेत और सुरक्षा मानकों की जांच में तेजी ला दी है। प्रशासनिक अधिकारी अंकुर जैन का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाएँ तो अप्रैल से एलिवेटेड मार्ग पर यातायात शुरू हो सकेगा।
लाभ और सुविधाएं
यह मार्ग उन क्षेत्रों में बनाया जा रहा है जहां प्रतिदिन हजारों वाहन चलते हैं। एलिवेटेड रोड खुलने के बाद ऊपर से गुजरने वाला ट्रैफिक बिना किसी अवरोध के चलेगा, जबकि नीचे की सड़क स्थानीय यातायात के लिए इस्तेमाल होगी। इससे जाम की समस्या कम होगी और यात्रा समय में भी भारी कमी आएगी।
इसके अलावा, मार्ग पर लगाए जा रहे सुरक्षा उपाय और दिशा संकेत यातायात के सुचारू संचालन में मदद करेंगे। तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच अंतिम चरण में हैं, ताकि आम लोगों के लिए मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो।
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