बिहार सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी: किसानों को सिंचाई में राहत

पटना। बिहार में खेती मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर रहती है, लेकिन अनियमित बारिश के कारण किसानों को अक्सर सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी चुनौती को देखते हुए राज्य सरकार ने बंद पड़े राजकीय नलकूपों को फिर से चालू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल से हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

75.23 लाख रुपये की राशि जारी

सरकार ने राज्यभर में खराब या बंद पड़े नलकूपों को दुरुस्त करने के लिए 75.23 लाख रुपये जारी किए हैं। यह राशि उन पंचायतों को दी गई है जहां नलकूप लंबे समय से निष्क्रिय पड़े थे। उद्देश्य यह है कि खेतों तक समय पर पानी पहुंचे और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।

हजारों नलकूप होंगे चालू

वर्तमान में राज्य में 3304 राजकीय नलकूप काम नहीं कर रहे हैं। जारी की गई राशि से 2477 नलकूपों को दोबारा संचालन योग्य बनाया जाएगा। बाकी नलकूपों को भी चरणबद्ध तरीके से ठीक करने की योजना है, जिसके लिए आगे और धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

पंचायतों को सौंपी गई जिम्मेदारी

राजकीय नलकूप लघु जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आते हैं, लेकिन इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय पंचायतों को दी गई है। मरम्मत के लिए मिलने वाली राशि भी सीधे पंचायतों को ही दी जाती है। सरकार फिलहाल नलकूपों के लिए अलग से ऑपरेटर नियुक्त करने पर विचार नहीं कर रही है। पंचायतें ही संचालन, देखरेख और आवश्यक मरम्मत का कार्य संभालेंगी।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

नलकूपों के फिर से चालू होने से सिंचाई की उपलब्धता बढ़ेगी, खासकर उन इलाकों में जहां निजी साधनों की कमी है। इससे धान, गेहूं और अन्य फसलों की उत्पादकता में सुधार होगा। समय पर पानी मिलने से किसानों की लागत घटेगी और उत्पादन में स्थिरता आएगी। सरकार की इस योजना से उम्मीद है कि बिहार के किसानों को राहत मिलेगी और खेती अधिक सुरक्षित व लाभकारी बन सकेगी।

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