यूपी में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर बड़ी खबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाने का फैसला किया है। अब इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करते समय माता-पिता या मृतक का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह कदम प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा रोकने और राज्य की योजनाओं के संचालन को सटीक बनाने के लिए उठाया गया है।

नई प्रक्रिया

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण को सीआरएस पोर्टल से लिंक किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में मां के डिस्चार्ज से पहले नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जबकि निजी अस्पतालों में यह प्रक्रिया ऑनलाइन सूचना आईडी के माध्यम से पूरी होगी।

क्यों है यह जरूरी

प्रदेश में कई मामले सामने आए हैं, जहां जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बनाए गए। आधार नंबर लिंकिंग से न केवल फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा, बल्कि प्रमाण पत्र का डेटा सीधे राज्य स्तर पर उपलब्ध होगा। इससे सरकारी योजनाओं के लिए सही जानकारी मिल सकेगी और लाभार्थियों को सुविधा होगी।

इससे क्या होगा लाभ

फर्जीवाड़ा कम होगा

प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी

सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन आसान होगा

नागरिकों को प्रमाण पत्र जल्दी और सुरक्षित तरीके से मिलेगा

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ और भरोसेमंद बनाएगा।

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