भारत के बढ़ते रुतबे की तारीफ
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे की जानकारी दी। पोस्ट में भारत को “ग्लोबल पावर” बताते हुए दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों का जिक्र किया गया। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद होता है और वे एक-दूसरे के देशों का दौरा करते रहे हैं।
2017 के बाद दूसरा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा इजरायल दौरा होगा। इससे पहले वे 2017 में ऐतिहासिक यात्रा पर गए थे, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी थी। इस बार का दौरा रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
आर्थिक और सुरक्षा सहयोग पर जोर
इस दौरे के दौरान आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायली संसद में संबोधन देंगे। साथ ही येरुशलम में एक विशेष इनोवेशन कार्यक्रम का आयोजन होगा और ऐतिहासिक स्मारक याद वाशेम का भी दौरा किया जाएगा।
हाई-टेक और एआई में बढ़ेगा सहयोग
इजरायल ने हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। यदि इन क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत होती है, तो यह दोनों देशों के तकनीकी और आर्थिक विकास को नई गति दे सकती है।
दरअसल, भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और तकनीक के क्षेत्रों में पहले से मजबूत सहयोग रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इन संबंधों को और व्यापक आयाम दे सकती है। वैश्विक राजनीति के बदलते परिदृश्य में यह दौरा दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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