भारत खरीद रहा लेजर हथियार, पाकिस्तान और चीन के होश उड़े!

नई दिल्ली। भारत ने फ्रांस की कंपनी CILAS S.A. से HELMA-P लेजर काउंटर-ड्रोन सिस्टम खरीदने का निर्णय लिया है। यह अत्याधुनिक हथियार प्रणाली विशेष रूप से दुश्मन के ड्रोन को रोकने और नष्ट करने के लिए तैयार की गई है। इसे भारतीय बहु-स्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क में शामिल किया जाएगा, जिससे सीमा चौकियों और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में वृद्धि होगी।

HELMA-P क्या करता है?

HELMA-P, यानी High Energy Laser for Multiple Applications – Power, गोला-बारूद का इस्तेमाल नहीं करता। यह उच्च ऊर्जा वाले लेजर बीम के जरिए ड्रोन के बैटरी, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को निशाना बनाकर उन्हें निष्क्रिय कर देता है। यह हथियार रडार, ऑप्टिकल और ध्वनि सेंसर के साथ मिलकर काम करता है। इसकी प्रभावी दूरी लगभग 1 से 1.7 किलोमीटर तक है।

जरूरत क्यों पड़ी?

सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। महंगी मिसाइलों के बजाय HELMA-P जैसी लेजर प्रणाली कम लागत में सुरक्षित और सटीक प्रतिक्रिया देती है। इसे चलाने के लिए केवल बिजली और कूलिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है, जिससे हर लक्ष्य पर खर्च न्यूनतम रहता है।

भारत को क्या फायदा होगा?

HELMA-P का परीक्षण पहले ही फ्रांस में सफलतापूर्वक किया जा चुका है और यह बड़ी घटनाओं जैसे पेरिस ओलंपिक में सुरक्षा उपायों का हिस्सा रहा है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग मजबूत होगा। इस परियोजना में MBDA और Safran Electronics & Defense जैसी कंपनियां शामिल हैं, जबकि भारतीय कंपनी Axiscades Technologies Ltd इसे स्थानीय कमांड-एंड-कंट्रोल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम करेगी।

सुरक्षा में सुधार

HELMA-P की तैनाती से भारत की सुरक्षा रणनीति में आधुनिक तकनीक का समावेश होगा। पारंपरिक हथियारों और जैमिंग के साथ अब लेजर आधारित डायरेक्टेड-एनर्जी सिस्टम भी देश की सीमा सुरक्षा का हिस्सा बनेंगे। इससे न केवल सीमा की निगरानी मजबूत होगी, बल्कि देश की रक्षा क्षमता में भी सुधार होगा।

0 comments:

Post a Comment