खरीद की तैयारी और पंजीकरण
इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि 15 मार्च से क्रय केंद्र सक्रिय होंगे, जबकि पिछले वर्ष यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हुई थी। किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। जिन किसानों का पंजीकरण पहले से है, उन्हें केवल संशोधन कराना होगा। नए किसानों के लिए खसरा-खतौनी और आधार नंबर के आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है।
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता
जिला विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि किसानों की पहचान के लिए आंखों का स्कैन किया जाएगा। खतौनी के अनुसार फसल की तौल ई-पाप मशीन से होगी और पहचान के बाद ही तौल को मान्यता दी जाएगी।
बोनस और शुल्क की जानकारी
खरीद के दौरान छनाई और उतराई का 20 रुपये शुल्क लगेगा, जो समर्थन मूल्य में जोड़कर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
पुराने किसानों का रिन्यूअल
जिन किसानों का पंजीकरण पहले हुआ था, उन्हें बस जनसेवा केंद्र पर जाकर संशोधन करना होगा। आधार नंबर डालते ही पुराना डेटा सामने आएगा और केवल बेची जाने वाली फसल की मात्रा अपडेट करनी होगी।

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