प्रशासनिक ढांचे को भी मिलेगी मजबूती
सिर्फ गृहरक्षकों की ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक पदों पर भी नियुक्ति की तैयारी है। बिहार गृह रक्षा वाहिनी में अधिनायक लिपिक के 128 पदों पर सीधी बहाली के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है। वहीं अधिनायक अनुदेशक के 244 पदों पर नियुक्ति के लिए संबंधित आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार केवल संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी ध्यान दे रही है।
प्रशिक्षण व्यवस्था होगी और मजबूत
होमगार्ड की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्रणाली को भी नया रूप दिया जा रहा है। राज्य के 34 जिलों में चयनित 11,438 होमगार्ड को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 131 अधिकारियों और कर्मियों को विशेष बटालियन के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे का भी विस्तार
गृह रक्षा वाहिनी के भवन और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए 33 जिलों में भूमि उपलब्ध करा दी गई है। शेष जिलों में भी जल्द जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आने वाले समय में प्रशिक्षण और संचालन कार्य और अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
बढ़ा कर्तव्य भत्ता, बढ़ा उत्साह
सरकार ने होमगार्ड के कर्तव्य भत्ते में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां प्रति कार्य दिवस 774 रुपये मिलते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर 1,121 रुपये कर दिया गया है। भत्ते में यह बढ़ोतरी न केवल आर्थिक संबल देगी, बल्कि जवानों का मनोबल भी बढ़ाएगी। बिहार में होमगार्ड बहाली का यह अभियान युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है। साथ ही, राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमता को भी इससे नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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