भारत ने लिया बड़ा फैसला, अमेरिका खुश, चीन की बढ़ी टेंशन!

नई दिल्ली। भारत ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक महत्वपूर्ण वैश्विक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पैक्स सिलिका घोषणापत्र के नाम से जाना जाता है, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और लोकतांत्रिक नेटवर्क में बांधने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दरअसल, भारत ने तकनीकी सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाकर खुद को वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और सक्रिय खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। यह पहल न केवल भारत की AI और सेमीकंडक्टर क्षमताओं को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में संतुलन और स्थिरता लाने में भी मदद करेगी।

पैक्स सिलिका का अर्थ और उद्देश्य

इस समझौते में 'पैक्स' का अर्थ है शांति, और 'सिलिका' का अर्थ है सिलिकॉन, जो सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में प्रयोग होता है। इसका मुख्य उद्देश्य पूर्वी एशिया में केंद्रित चिप निर्माण और चीन के खनिज प्रसंस्करण पर तकनीकी एकाधिकार को कम करना है।

वैश्विक रणनीति में भारत की भूमिका

इस घोषणापत्र से भारत ने खुद को वैश्विक तकनीकी और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। अमेरिका ने इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि इससे वैश्विक तकनीकी नेटवर्क में भरोसेमंद साझेदार मजबूत होंगे।

चीन पर असर

चीन के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पूर्वी एशिया में सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों पर उसका प्रभुत्व अब कमज़ोर पड़ सकता है। पैक्स सिलिका नेटवर्क के जरिए चीन की वैश्विक तकनीकी एकाधिकार नीति पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा।

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