बिहार में नई योजना के तहत 9 नए सरकारी एएनएम संस्थान, 38 सरकारी जीएनएम संस्थान और 38 सरकारी पारा मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित जिलों में भूमि चिन्हित करने और आधारभूत संरचना की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। भवन निर्माण, उपकरणों की व्यवस्था और फैकल्टी की नियुक्ति जैसे कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।
‘सात निश्चय-3’ के तहत लागू होगी योजना
यह महत्वाकांक्षी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर इन संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि जल्द से जल्द नामांकन और प्रशिक्षण शुरू हो सके। इससे राज्य के युवाओं को अपने ही जिले में स्वास्थ्य शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा निर्णय?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग एवं पारा मेडिकल स्टाफ की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना जरूरी हो गया था। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल
एएनएम और जीएनएम संस्थानों की स्थापना से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं पारा मेडिकल कॉलेज खुलने से लैब टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट और अन्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे जिला अस्पतालों से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

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