पांच जिलों में शुरू होगी सुविधा
पायलट प्रोजेक्ट के तहत के तहत लखनऊ, सीतापुर, बलरामपुर, बाराबंकी और लखीमपुर के कुल 21-21 पंचायतों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को घर के नजदीक ही डिजिटल और सरकारी सेवाओं का लाभ देना है।
डिजिटल सेवाओं का विस्तार
पंचायत भवनों में केंद्र स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक उपकरण और सामग्री संबंधित जिलों में भेज दी गई हैं। कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद पंचायत भवनों में आधार बनाने और संशोधन की प्रक्रिया नियमित रूप से शुरू हो जाएगी।
ग्रामीणों को समय और धन की बचत
इस पहल से ग्रामीणों को अब ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और पैसों की बचत होगी। साथ ही, सरकारी योजनाओं में नामांकन और सेवाओं का लाभ भी स्थानीय स्तर पर आसानी से मिल सकेगा।
बता दें की इस पहल से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल प्रशासन और सरकारी सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी और लोगों के लिए आधार पंजीकरण अब बेहद आसान और सुविधाजनक बन जाएगा। साथ ही साथ इससे लोगों की परेशानी भी दूर हो जाएगी।

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