यह सुविधा उन्हीं शिक्षकों और कर्मचारियों को दी जाएगी जिन्हें शासन द्वारा पात्र घोषित किया जाएगा। पात्रता तय करने के लिए प्रत्येक जिले में एक समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। समिति दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार करेगी।
5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवर
नई व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को सालाना अधिकतम 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब है कि सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती से लेकर इलाज तक का खर्च निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सीधे वहन किया जाएगा। लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती के समय अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इससे गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन या लंबी चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम होगा।
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
योजना का लाभ उठाने के लिए शिक्षकों को सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। आवेदन के समय निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं: सेवा प्रमाण पत्र, नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, आधार कार्ड, विभागीय रिकॉर्ड। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों को एक आधिकारिक स्वीकृति पत्र या हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।
हजारों परिवारों को राहत
इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा एक मजबूत आर्थिक कवच साबित हो सकती है। सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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