बिहार में शिक्षकों की सैलरी को लेकर बड़ा अपडेट, तुरंत जानें!

पटना। बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य में अब शिक्षकों का वेतन सीधे मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा और इसका आधार उनकी दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति होगी। इस नई व्यवस्था से वेतन में देरी, रिकॉर्ड की गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही जैसी पुरानी समस्याओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।

करीब 5.9 लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ

शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य के 71,863 प्राथमिक विद्यालयों और 9,360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 5.9 लाख शिक्षक और शिक्षण कर्मचारी इस प्रणाली के दायरे में आएंगे। प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और सामान्य शिक्षक—सभी को अब नियमित रूप से ई-शिक्षाकोष मोबाइल ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यही उपस्थिति आगे चलकर वेतन भुगतान का आधार बनेगी।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

यह निर्णय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। लंबे समय से शिक्षकों की ओर से वेतन में देरी और सेवा संबंधी शिकायतें सामने आ रही थीं। विभाग का मानना है कि HRMS और ई-शिक्षाकोष को आपस में जोड़ने से वेतन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत होगी। लक्ष्य है कि मार्च तक यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाए।

प्रशासनिक लापरवाही पर सख्ती

विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन जिलों में शिक्षकों की लंबित शिकायतों के समाधान की दर बेहद कम पाई गई। वहीं, बांका, खगड़िया, दरभंगा, कैमूर, नालंदा और शिवहर समेत 17 जिलों के कामकाज की सराहना की गई है, जहां अधिकांश शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

ई-शिक्षाकोष की भूमिका रहेगी

वेतन विसंगति, वरिष्ठता और सेवा लाभ से जुड़ी 1.46 लाख से अधिक शिकायतें अभी भी ऑनलाइन लंबित हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को विशेष शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन शिकायतों के समाधान के बाद संबंधित विवरण को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

ई-सर्विस बुक से आएगी पारदर्शिता

डिजिटल सुधार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए विभाग ने घोषणा की है कि 31 मार्च 2026 तक सभी सरकारी शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को ई-सर्विस बुक जारी की जाएगी। इसमें नियुक्ति, वेतन निर्धारण, पदोन्नति, स्थानांतरण, शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां सुरक्षित रूप से दर्ज रहेंगी। इससे कागजी फाइलों पर निर्भरता खत्म होगी और रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी।

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