बिहारवासियों के लिए खुशखबरी: पैतृक जमीन पर घर बनाने वालों के लिए बिजली कनेक्शन हुआ आसान

पटना। बिहार में उन परिवारों के लिए राहत की खबर है, जो अपने पैतृक जमीन पर घर बना रहे हैं। अब दादा या पिता की जमीन पर नया घर बनाने वालों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए पुराने कागजी झंझट से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।

वंशानुगत हक के आधार पर कनेक्शन

बिजली विभाग ने निर्देश दिए हैं कि पैतृक जमीन पर नया कनेक्शन केवल वंशानुगत हक यानी परिवार की क्रमिक भूमि मालिकाना हक के आधार पर जारी किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब LPC या अन्य नामांतरण दस्तावेज दिखाने की बाध्यता समाप्त हो गई है। यह बदलाव उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगा, जो पहले बिजली कनेक्शन न मिल पाने के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।

नए नियम क्या बदलेंगे?

1 .अगर कोई अपने पिता या दादा की जमीन पर घर बना रहा है, तो सीधे वंशानुगत हक के आधार पर कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है।

2 .पहले जैसे इंजीनियर आवेदनकर्ता के नाम की रसीद मांगते थे, अब वह आवश्यकता समाप्त हो गई है।

3 .यदि एक ही परिसर में पहले से बिजली कनेक्शन मौजूद है और दूसरा कनेक्शन चाहिए, तो पारिवारिक बंटवारा पत्र या पंजीकृत किरायानामा दिखाना होगा।

4 .अलग कनेक्शन तभी मिलेगा जब अलग रास्ता और चूल्हा हो।

मुफ्त बिजली योजना के बाद नियम सख्त

राज्य में लागू 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना के कारण कई लोग एक ही परिसर में कई कनेक्शन लेने लगे थे। इस वजह से नियम सख्त किए गए हैं। नए निर्देशों से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी और बिजली का दुरुपयोग कम होगा।

ऑनलाइन आवेदन और समय सीमा

बिजली कनेक्शन के लिए अब आवेदन ऑनलाइन करना होगा। आवेदन में फोटो, आधार और जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे। शिकायत होने पर संबंधित डिवीजन के विद्युत अभियंता से संपर्क किया जा सकता है। शहरी इलाकों में सात दिन और ग्रामीण इलाकों में पंद्रह दिन के भीतर कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू है और इसकी निगरानी राज्य की बिजली आपूर्ति एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

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