भारत-अमेरिका की बड़ी तैयारी? चीन की बढ़ी टेंशन, जापान खुश!

नई दिल्ली: हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भारत और अमेरिका एक बार फिर से रणनीतिक तालमेल बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। 2026 की शुरुआत में अब अमेरिका ने क्वॉड को फिर से सशक्त बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

पश्चिमी कमांड दौरे का महत्व

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भारत के पश्चिमी कमांड में पहुंचे और वहां भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्य फोकस क्षेत्र की सुरक्षा, सीमा विवाद और संयुक्त संचालन पर रहा। भारत और अमेरिका ने पिछले साल के अनुभवों और ऑपरेशन में सुधार के उपायों पर भी चर्चा की।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे का मकसद केवल औपचारिकता नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना है। अमेरिका चाहता है कि भारत समुद्र, भूमि, हवा और साइबर सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में उसका भरोसेमंद साझीदार बने।

रिश्तों में बढ़ रही नई गर्माहट

पिछले साल अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा किया था। इससे अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग प्रभावित हुआ। हालांकि 2026 में टैरिफ में कटौती और लंबित व्यापार समझौतों पर सहमति से दोनों देशों के बीच रिश्तों में फिर से गर्माहट आई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि व्यापारिक विश्वास बढ़ने से रक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के रास्ते भी खुलते हैं।

हिंद-प्रशांत में भारत की भूमिका

भारत की भौगोलिक स्थिति इसे हिंद महासागर और पूर्वी समुद्री मार्गों में केंद्रीय शक्ति बनाती है। इसकी स्वतंत्र नीति और मजबूत नौसैनिक क्षमता क्वॉड को राजनीतिक और रणनीतिक रूप से प्रभावी बनाती है। यदि भारत और अमेरिका के रिश्ते स्थिर रहते हैं, तो क्वॉड अधिक भरोसेमंद और सक्रिय दिखेगा। वहीं, अगर रिश्तों में तनाव बढ़े तो समूह की गति धीमी पड़ सकती है।

चीन की बढ़ती बेचैनी

क्वॉड को चीन के दबदबे को संतुलित करने वाले मंच के रूप में देखा जाता है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ती गतिविधियों और बेल्ट एंड रोड परियोजना के विस्तार ने चीन को क्षेत्र में अधिक सक्रिय बना दिया है। जानकारों का कहना है कि क्वॉड द्वारा समुद्री सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और आपूर्ति श्रृंखला में सहयोग बढ़ाना चीन के दावे को चुनौती देता है। यही वजह है कि चीन लगातार क्वॉड की गतिविधियों पर संदेह जताता रहा है।

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