बिहार सरकार का बड़ा कदम, ग्रामीणों युवाओं के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में युवाओं और ग्रामीणों के लिए अब स्टार्टअप शुरू करना आसान होने वाला है। राज्य सरकार ने इस दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जिससे स्थानीय लोग अपने गांव से ही नवाचार और उद्यमिता में कदम रख सकेंगे। अब उन्हें पटना या राज्य मुख्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

जिला स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध

उद्योग विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। योजना के तहत जिला स्तर पर स्टार्टअप प्रोत्साहन केंद्र बनाए जाएंगे, जहां लोगों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी। यह कदम विशेष रूप से उन युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए फायदेमंद होगा, जो अपनी प्रतिभा के बल पर व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर

दरअसल, बिहार में कई प्रतिभाशाली लोग हैं, जो अपने नवाचार से व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं। इस योजना के जरिए उन्हें न केवल तकनीकी मदद मिलेगी, बल्कि वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप संस्थानों से संवाद कर उन्हें स्थानीय चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में जानकारी भी ली।

11 हजार नए उद्यमियों का लक्ष्य

राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 11 हजार नए उद्यमी तैयार करना है। इसके लिए जिलास्तर पर औद्योगिक प्रक्षेत्र और स्टार्टअप हब बनाए जाएंगे। यह कदम बिहार की स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

स्टार्टअप नीति को और मजबूत बनाया जा रहा है

सरकार ने राज्य की स्टार्टअप नीति को और धारदार बनाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है। इसके तहत केवल व्यवसाय शुरू करने तक ही सीमित नहीं, बल्कि उन्हें स्थिर और लंबी अवधि तक संचालन की राह आसान बनाने पर जोर दिया जाएगा।

इस योजना से न केवल बिहार के ग्रामीण और युवा उद्यमियों को मदद मिलेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। यह कदम बिहार को देश के स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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