सर्प को वन्यजीव का दर्जा
राज्य विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सांप को वन्यजीव की श्रेणी में शामिल किया जाए। इसके बाद ही सर्पदंश से मृत्यु पर 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा सकेगा। यह कदम उन ग्रामीण और वन क्षेत्र के परिवारों के लिए राहत का संदेश है, जो सर्पदंश के मामलों में अक्सर आर्थिक संकट का सामना करते हैं।
मुआवजा कैसे मिलेगा
सभी मामलों में अधिकारियों द्वारा उचित जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुआवजा परिवार को सीधे दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मृतक परिवार को भुगतान में कोई देरी न हो।
क्यों है यह कदम अहम?
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा में वृद्धि।
मृतक परिवार को वित्तीय मदद और राहत।
सर्पदंश से होने वाली मौतों पर राज्य की गंभीर नजर।
आगे की प्रक्रिया क्या?
स्पीकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह योजना जल्द से जल्द लागू की जाए और सभी संबंधित दस्तावेज़ और प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मुआवजा प्राप्त करने में परिवारों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बिहार सरकार का यह कदम न केवल सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि वन्यजीव और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

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