सीएम योगी का ऐलान: यूपी में शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक बार फिर राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में सोमवार को शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। इस ऐलान से लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौट आएगी।

सीएम योगी ने कहा कि शिक्षामित्र और अनुदेशक चाहे बेसिक शिक्षा, माध्यमिक या उच्च शिक्षा में कार्यरत हों, उनके लिए सरकार विशेष कदम उठा रही है। इसके साथ ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और रसोइयों को भी पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो एक अप्रैल से प्रभावी होगी।

आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स के लिए भी बड़े पैमाने पर राहत की घोषणा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। वर्तमान में प्रदेश में करीब 1,89,836 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1,68,000 आशा वर्कर कार्यरत हैं।

सीएम ने यह भी बताया कि प्रदेश में एक करोड़ छह लाख निराश्रित, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन लाभार्थी हैं, जिनकी पेंशन राशि भी बढ़ाई जाएगी। अपने लगभग डेढ़ घंटे के भाषण में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए 2017 से पहले की स्थिति के साथ तुलना की। 

उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश को नई दिशा दी है और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है। विधान परिषद में सीएम के संबोधन के बाद धन्यवाद प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। इस कदम से शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और आंगनबाड़ी व आशा वर्करों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि सामाजिक मान्यता और सम्मान भी बढ़ेगा।

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